नई दिल्ली: लोकसभा में नोटबंदी पर मतविभाजन वाले नियम के तहत चर्चा कराने की मांग पर विपक्षी दलों के अड़े रहने के बीच आसन ने आज सदन में नियम 193 के तहत चर्चा शुरू कराई लेकिन विपक्ष के भारी हंगामे के कारण यह आगे नहीं बढ़ सकी। विपक्षी दलों और खासकर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
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निचले सदन में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने नियम 193 के तहत काले धन को समाप्त करने के लिए विमुद्रीकरण के बारे में चर्चा कराने के भर्तृहरि महताब और ए पी जितेन्द्र रेड्डी के प्रस्ताव पर बहस शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से चर्चा कराने की मांग की जा रही थी और अब इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की जाए।
पीठासीन सभापति अर्जुन चरण सेठी ने इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करने के लिए बीजद सदस्य भर्तृहरि महताब का नाम पुकारा लेकिन महताब सदन में मौजूद नहीं थे। इसके बाद सह प्रस्तावक टीआरएस के जितेन्द्र रेड्डी का नाम पुकारा गया। जितेन्द्र रेड्डी ने जैसे ही इस विषय पर चर्चा शुरू करते हुए अपनी बात रखनी प्रारंभ की, वैसे ही तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने उन्हें घेरे में ले लिया और उनकी सीट पर लगे माइक के पास जोर जोर से नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सदस्य भी आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे।
हंगामे के बीच ही कुछ देर तक टीआरएस सदस्य जितेन्द्र रेड्डी ने अपनी बात रखी और बाद में सभापति से व्यवस्था बनाने का आग्रह किया। व्यवस्था बनती नहीं देख पीठासीन सभापति अर्जुन चरण सेठी ने सदन की कार्यवाही करीब दो बजकर पांच मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले आज सुबह कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी कांग्रेस, तृणमूल कांगे्रस और वामदलों के सदस्यों ने सदन में मतविभाजन के प्रावधान के तहत चर्चा कराने की मांग की जिससे प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित रही। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को शुरू होने के आधे घंटे बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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