लेह। चीन सीमा से सटे लेह लद्दाख में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। लद्दाख क्षेत्र में शुक्रवार शाम 5.4 की तीव्रता वाला भूकंप का झटका महसूस किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने कहा कि भूकंप शाम 4 बजकर 27 मिनट पर आया। हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिये अत्यधिक संवेदेनशील है। फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं आ रही है। बता दें कि इन दिनों भारत के कई अलग-अलग हिस्सों में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। बीते दिनों मुंबई, असम, अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। महाराष्ट्र में बीते 5 सितंबर को 12 घंटे में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
जानिए भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें। जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें। चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें। ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो। भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं। मजबूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें। टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें। घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाजों और दीवारों से दूर रहें। बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें। आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें। लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट। कमजोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मजबूत नहीं होतीं।
जानिए क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के परिणाम स्वरूप भूकंप आता है। यह ऊर्जा पृथ्वी की सतह पर, भूकंपी तरंगें उत्पन्न करती है, जो भूमि को हिलाकर या विस्थापित कर के प्रकट होती है। भूकंप प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से हो सकता है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यत: गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन के चलते आते हैं।
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