मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस नेे हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के रवैये को अडि़यल और असंवेदनशील बताते हुये उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विधानसभा में इस मुद्दे पर बयान देते हुये फडनवीस ने कहा, बस बहुत हुआ। अगर डॉक्टर आज काम पर नहीं लौटे तो सरकार चुपचाप नहीं बैठेगी। हम मरीजों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते। मैं डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर आज गतिरोध तोड़ने का आखिरी प्रयास कर रहा हूं। अगर कोई समाधान नहीं निकला और डॉक्टर काम पर नहीं लौटे तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिये।
फडनवीस ने कहा कि वह मरीजों को मरने के लिए छोड़ देने के डॉक्टरों के असंवेदनशील रवैए को नहीं समझ पा रहे हैं। उन्होंने कहा, डॉक्टरों की पिटायी करने वाले असामाजिक तत्वों और बीमार लोगों का इलाज करने की शपथ लेने वाले डॉक्टरों के बीच क्या अंतर रह गया है। सरकार द्वारा डॉक्टरों की मांगों को स्वीकार किये जाने का आश्वासन देने के बावजूद मैं उनके अडि़यल रैवये से हैरान हूं। उन्होंने कहा, लोग डॉक्टरों को भगवान की तरह मानते हैं। उन्हें दानवों की तरह बुलाये जाने का इंतजार नहीं करना चाहिये। किस तरह की राजनीति की जा रही है।
फडनवीस ने कहा कि अस्पतालों की सुरक्षा जांच और ओपीडी तथा अन्य वार्डों तक लोगों की पहुंच को नियंत्रित करने समेत उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। सशस्त्र सुरक्षा गार्डों की मांग को भी मान लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों पर हमला होने के मामले में उन्हें मुफ्त कानूनी और चिकित्सीय मदद देने का वादा किया है और उनका सरकारी सेवकों के तौर पर इलाज किया जाएगा।
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