नई दिल्ली: सरकार जल्दी ही आधार भुगतान सेवा शुरू करेगी। इसके जरिये लोग अपनी आधार संख्या और बायोमेट्रिक्स का उपयोग कर धन का लेनदेन कर सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आज कहा, हम आधार भुगतान शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ लोगों को भुगतान के लिये अपना फोन ढोने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी दुकान में जाकर अपनी आधार संख्या साझा कर सकते हैं और भुगतान करने या धन प्राप्त करने के लिये खुद के सत्यापन के लिये बायोमेट्रिक्स का उपयोग कर सकते हैं।
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प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि आधार भुगतान के लिये 14 बैंक साथ आये हैं और जल्दी ही सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया, हमने अन्य बैंकों के साथ भी बात कर रहे हैं। जल्दी ही सेवा शुरू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार कुछ बैंकों ने अपने एप्लीकेशन को विकसित कर लिया है और आंध्र प्रदेश में इसका परीक्षण हो रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग कर त्वरित भुगतान के लिये भारत इंटरफेस फार मनी (भीम) को भी आधार युक्त भुगतान प्रणाली से एकीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में 111 करोड़ लोगों के पास आधार संख्या है। लोग प्राय: निजता के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हैं लेकिन आधार कानून लोगों की निजता का सम्मान करता है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, हम सभी जानते हैं कि पूर्व सरकार ने आधार शुरू किया लेकिन उस समय यह नागरिकों के लिये केवल एक डिजिटल पहचान के रूप में था। नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के अंतर्गत उठाये गये विभिन्न कदमों से यह वित्तीय तथा भविष्य रूपांतरण के लिये एक शक्तिशाली जरिया बन गया है।
प्रसाद ने कहा, देश में 49 करोड़ बैंक खाते आधार से जुड़े हैं। हर महीने दो करोड़ खातों को आधार से जोड़ा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि आधार भुगतान युक्त प्रणाली पहले से काम कर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में 33 करोड़ लेन-देन किये गये हैं। प्रसाद ने कहा कि लेन-देन के लिये आधार के उपयोग से वित्त वर्ष 2014-15 तथा 2015-16 में 36,144 करोड़ रुपये की बचत हुई।
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