चंडीगढ़: हरियाणा में आज से शुरू हो रहे जाट आरक्षण आंदोलन से निपटने के लिये प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा ने केंद्र से पैरा मिलिट्री फोर्स की 20 कंपनियां और मांगी हैं।
वहीं एहतियात के तौर पर लगभग सभी जिलों में धारा 144 लगा दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि शहर में रेलवे स्टेशनों सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से करीब 500 मीटर की दूरी में पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हरियाणा सरकार ने राज्य में 7,000 होमगार्डों की तैनाती के अलावा केंद्र से अद्र्धसैनिक बलों की 55 कंपनियों की मांग की है।
हरियाणा के गृह सचिव रामनिवास ने कहा कि जिला प्रशासन धरनों के लिए सशर्त मंजूरी दे रहा है, लेकिन अगर किसी भी तरह की हिंसा होती है, तो उसके लिए आयोजक पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। नुकसान की स्थिति में उनकी प्रॉपर्टी से ही नुकसान की पूर्ति की जाएगी।
गृह सचिव ने कहा, 'हमनें जिलों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगा दिए हैं। पूरे प्रदेश में फ्लैग मार्च किया जा रहा है। पुलिस के अधिकारी पंचायतों से मिल रहे हैं और उनसे हमें विशेष सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा सभी धरनों की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है।'
पिछले साल इसी तरह के आंदोलन में 30 लोगों की मौत हो गई थी और व्यापक तोड़फोड़ की घटनाएं हुयी थीं। इस हिंसा में रोहतक और सोनीपत एवं झज्जर सहित इसके कुछ पड़ोसी जिले बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
Latest India News