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Hindi News भारत राष्ट्रीय मर्डर केस में राम रहीम के खिलाफ सुनवाई सोमवार को जारी रहेगी

मर्डर केस में राम रहीम के खिलाफ सुनवाई सोमवार को जारी रहेगी

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई अगले सप्ताह भी जारी रहेगी।

Ram Rahim- India TV Hindi Image Source : PTI Ram Rahim

चंडीगढ़: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई अगले सप्ताह भी जारी रहेगी। अदालत सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस मामले की सुनवाई शनिवार को यहां कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई की एक विशेष अदालत में शुरू हुई थी। हत्या के इन मामलों के सात आरोपी पंचकुला अदालत में मौजूद थे, लेकिन जेल में बंद राम रहीम की पेशी वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।

डेरा प्रमुख के वकील एस.के गर्ग ने मीडिया को बताया कि रंजीत सिंह हत्या मामले की सुनवाई 18 सितंबर और पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्या मामले की सुनवाई 22 सितंबर को होगी। गर्ग ने बताया कि मामले में बहस पूरा होने में कुछ समय लगेगा। इस बीच, राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह ने सीबीआई अदालत के समक्ष एक आवेदन पेश किया है जिसमें उसने अपने बयान को फिर से रिकार्ड करवाने की इच्छा जताई है। उसकी अर्जी पर अगले सप्ताह विचार किया जाएगा। 

खट्टा सिंह ने इससे पहले डेरा प्रमुख के पक्ष में अपना बयान दर्ज कराया था लेकिन उसका कहना है कि उसने ऐसा उसके डर और दबाव की वजह से किया था। पंचकुला समेत रोहतक में जेल परिसर और सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय के पास अर्धसैनिक बलों, हरियाणा पुलिस कíमयों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। पंचकुला की इसी अदालत ने 25 अगस्त को राम रहीम को अपनी शिष्याओं के साथ दुष्कर्म का दोषी करार दिया था। सीबीआई अदालत ने 28 अगस्त को राम रहीम को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बी.एस. संधू ने शुक्रवार को कहा था कि हत्या के इन मामलों की सुनवाई के लिए पंचकूला में पर्याप्त संख्या में अर्धसैनिक बल और हरियाणा पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। छत्रपति को अक्टूबर 2002 में गोली मारी गई थी। कुछ दिनों तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद नवंबर में उनका निधन हो गया था।

पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की जुलाई 2003 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐसा माना जा रहा था कि वह डेरा मुख्यालय में चल रहे गलत कार्यो को उजागर करना चाहता था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। दोनों हत्याओं के मामले में डेरा प्रमुख अन्य लोगों के साथ आरोपी हैं। कथित तौर पर उनके निर्देश पर ही दोनों हत्याओं को अंजाम दिया गया था।

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