रांची: झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण से 33 और लोगों की मौत हो गयी जिसके बाद प्रदेश में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 4871 तक पहुंच गयी। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गयी है। इसमें कहा गया है कि संक्रमण के 1394 नये मामले सामने आये जिन्हें मिलाकर प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 331811 हो गयी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के 331811 कोरोना संक्रमितों में से 309371 संक्रमित अब तक ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। इसके अलावा 17569 अन्य संक्रमितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावा किया कि केन्द्र सरकार ने कोविड की दूसरी लहर के दौरान लॉकडाउन नहीं लगाने की सलाह दी थी, इसके बावजूद राज्य में लॉकडाउन लगाया गया लोगों की जीवन रक्षा की गई।
मुख्यमंत्री आज अपने आवासीय कार्यालय पर ऑनलाइन बैठक कर सभी मंत्रियों से कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति, रोकथाम एवं नियंत्रण तथा आगे की रणनीति कैसी हो इससे संबंधित तैयारियों पर विचार विमर्श कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘संक्रमण की दूसरी लहर का अंदेशा केन्द्र सरकार को पहले से था लेकिन देश में लॉकडाउन को लेकर असमंजस की स्थिति रही। केन्द्र सरकार ने तो लॉकडाउन नहीं लगाने की सलाह दी थी लेकिन अंततः राज्यों ने अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए लॉकडाउन लगाया जिससे बड़ी संख्या में आम लोगों की जान बचायी जा सकी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को चार करोड़ टीकों की आवश्यकता है लेकिन अब तक राज्य को सिर्फ 40 लाख टीके उपलब्ध हुए हैं। राज्य सरकार इस निमित्त लगातार केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर रही है। ग्रामीण विकास विभाग एवं संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयास से स्थिति नियंत्रण में दिख रही है। दूसरे राज्यों से आने वाले शत प्रतिशत श्रमिकों की आरटीपीसीआर जांच सुनिश्चित की जाएगी तब ही ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण पर काबू पाया जा सकेगा।
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