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केजरीवाल का आरोप, ‘टैप हो रहे हैं जजों के फोन’, सरकार ने किया इनकार

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को आरोप लगाया कि न्यायाधीशों के फोन टैप किए जा रहे हैं, जो कि लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। दिल्ली उच्च न्यायालय के स्वर्ण जयंती समारोह

arvind kejriwal- India TV Hindi
arvind kejriwal

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को आरोप लगाया कि न्यायाधीशों के फोन टैप किए जा रहे हैं, जो कि लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। दिल्ली उच्च न्यायालय के स्वर्ण जयंती समारोह में केजरीवाल ने कहा, "मैंने न्यायाधीशों के बीच फोन टैप किए जाने का व्यापक भय देखा है। यदि ऐसा है तो यह खतरनाक है और इससे न्यायपालिका प्रभावित होगी।"

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इस समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी उपस्थित थे। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक ने अदालतों में खाली पदों का मामला उठाया और कहा, "सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने कई महीनों पहले न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश की थी, लेकिन यह अभी भी केंद्र सरकार के पास पड़ा हुआ है।" उन्होंने कहा, "न्यायपालिका में रिक्तियां चिंता का विषय हैं। नियुक्तियों में देरी से अफवाहों को बल मिलता है, और यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।" न्यायपालिका की आजादी के पक्ष में केजरीवाल ने कहा, "न्यायपालिका की आजादी सर्वोपरि है। यह कार्यपालिका से पूरी तरह स्वतंत्र होनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में कार्यपालिका के हस्तक्षेप से लोकतंत्र को नुकसान होगा और इससे तानाशाही को बढ़ावा मिलेगा।

समारोह में थोड़ी देर बाद कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने केजरीवाल के आरोप का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार न्यायपालिका की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रसाद ने कहा, "मैं आज इस मुद्दे पर बहस में शामिल होना नहीं चाहता, लेकिन मैं सीधे तौर पर रिकॉर्ड रखता हूं। मैं दो साल साल से ज्यादा समय तक संचार मंत्री रहा हूं और पूरे तौर पर सभी आदेश और अधिकार के साथ न्यायाधीशों के फोन टैप किए जाने से इनकार करता हूं।" वहीं गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "गृह मंत्रालय दृढ़ता से मीडिया में आए कुछ न्यायाधीशों के फोन टैपिंग के आरोपों से इनकार करता है। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। ये रिपोर्ट बेबुनियाद और निराधार हैं।"

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