नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सभी देशों को अपनी जद में ले चुकी आतंकवाद की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए त्वरित एकीकृत कार्रवाई का आह्वान किया है। कल यहां राष्ट्रपति भवन आए जॉर्डन की शाही अदालत के प्रमुख फायेज अल तारावने से बातचीत के दौरान मुखर्जी ने यह बात कही।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत जॉर्डन के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा, भारत, क्षेत्रीय मुद्दों खासकर फलस्तीन-इज्राइल विवाद को सुलझाने और हमारे क्षेत्रों समेत पूरी दुनिया को प्रभावित करने वाली आतंकवाद की समस्या के निबटाने में शाह अब्दुल्लाह के नेतृत्व में जॉर्डन की अग्रसक्रिय भूमिका की सराहना करता है।
मुखर्जी ने कहा कि आतंकवाद से कोई देश सुरक्षित नहीं है और इसे खत्म करने के लिए त्वरित एकीकृत कार्रवाई की जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा कि अपने सामाजिक-आर्थिक संसाधनों पर जबरदस्त दबाव पड़ने के बावजूद युद्धग्रस्त पड़ोसी देश से आने वाले शरणार्थियों को असाधारण मानवीय मदद मुहैया करवाने वाले जॉर्डन की भारत प्रशंसा करता है।
उन्होंने कहा कि भारत को इस बात की प्रसन्नता है कि संकट को कम करने में वह अपना योगदान दे सका है। प्रणब जॉर्डन जाने वाले पहले भारतीय राष्ट्र प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दौरे की उनकी स्मृतियां बेहद सुखद रही हैं।
मुखर्जी ने कहा कि वर्ष 2015-16 में भारत-जॉर्डन का द्विपक्षीय कारोबार 1.35 अरब डॉलर था जिसके नई ऊंचाईयों को छूने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, भारत को इस बात की खुशी है कि जॉर्डन को सुरक्षा और प्रतिरक्षा, अंतरिक्ष और उर्वरक समेत अन्य क्षेत्रों में सहयोग में दिलचस्पी है।
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