A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ‘IDS के तहत घोषित आय पर पहली किस्त के भुगतान में चूक करने वालों को कोई राहत नहीं’

‘IDS के तहत घोषित आय पर पहली किस्त के भुगतान में चूक करने वालों को कोई राहत नहीं’

नयी दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आय खुलासा योजना के तहत कालेधन की घोषणा करने वाले उन लोगों को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार किया है जिन्होंने व्यक्तिगत समस्याओं या नकदी

CBDT- India TV Hindi
CBDT

नयी दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आय खुलासा योजना के तहत कालेधन की घोषणा करने वाले उन लोगों को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार किया है जिन्होंने व्यक्तिगत समस्याओं या नकदी की कमी के कारण कर और जुर्माने की पहली किस्त निर्धारित समयसीमा में जमा नहीं की है। बोर्ड ने यह साफ किया है कि 30 नवंबर 2016 की समयसीमा तक भुगतान नहीं करने को लेकर माफी देना आय खुलासा योजना (आईडीएस) के तहत घोषणा करने वाले उन लोगों के साथ भेदभाव होगा जिन्होंने समयसीमा का पालन किया तथा घोषित आय के आधार पर कर, अधिभार और जुर्माने का भुगतान किया।

ये भी पढ़ें

योगी आज करेंगे सीएम आवास में प्रवेश, देंगे फलाहारी पार्टी
दिल्ली: MCD चुनाव में केजरीवाल को जवाब देने आएंगे योगी आदित्यनाथ
ममता ने योगी शासन पर उठाए सवाल, 'धर्मिक भेदभाव से लोगों में डर'
आखिर 9 दिन में क्यों बदली CM आवास के बाहर लगी नेम प्लेट? जानिए

आय खुलासा करने वाले कुछ लोगों द्वारा अंतिम तारीख में कुछ छूट दिये जाने के अनुरोध के बाद सीबीडीटी ने कल एक आदेश जारी कर चीजें स्पष्ट की। ये वे लोग थे जिन्होंने पहली किस्त के तहत कर का भुगतान :पूरा या आंशिक: पिछले साल 30 नवंबर के बाद किया या भुगतान ही नहीं किया। बोर्ड ने कहा कि जब अधिकतर घोषणाकर्ताओं ने निर्धारित समय-सीमा का पालन किया, ऐसे में आईडीएस के तहत कुछ के भुगतान में देरी के लिये माफी या उसे सुगम बनाने के लिये समयसीमा बढ़ाने के अनुरोध को मानने का मतलब होगा कि केवल कुछ लोगों के साथ नरम रूख दिखाना।

सीबीडीटी ने आदेश में कहा, आईडीएस के तहत देरी से भुगतान पर ब्याज का कोई प्रावधान नहीं है और इसीलिए चूककर्ताओं को माफी देना उन घोषणाकर्ताओं के साथ भेदभाव होगा जिन्होंने निर्धारित समयसीमा का पालन किया। आदेश के मुताबिक आईडीएस घोषणा करने वालों को भुगतान की समयसीमा के बारे में पूरी जानकारी थी और उसका उन्हें पालन करना था।

Latest India News