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नोटबंदी के 44वें दिन भी एटीएम में कैश नहीं, लोग हलकान

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी तथा इससे जुड़े नोएडा तथा गुरुग्राम में लोग गुरुवार को भी नकदी की कमी से हलकान रहे। नोटबंदी का कल 44वां दिन था, लेकिन लोगों की समस्य जस की तस है।

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी तथा इससे जुड़े नोएडा तथा गुरुग्राम में लोग गुरुवार को भी नकदी की कमी से हलकान रहे। नोटबंदी का कल 44वां दिन था, लेकिन लोगों की समस्य जस की तस है। कई लोगों ने कहा कि वे नकदी की तलाश में एटीएम की खाक छानते रहे, फिर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

रोहिणी सेक्टर 24 में रहने वाले छात्र रोहित तोमर ने कहा, "मैं अपने पिता का डेबिट कार्ड लेकर सुबह 6.30 बजे ही घर से निकला था और रोहिणी इलाके में स्थित कम से कम 12 एटीएम की खाक छानी, लेकिन किसी में भी नकदी नहीं मिली।"

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हरी पुजारी की कहानी भी कुछ ऐसी ही निकली, जबकि उन्होंने कैशलेस प्रणाली के लिए अपने आईफोन पर ईवालेट पेटीएम डाउनलोड कर रखा है।

पंजाबी ने कहा, "आपको पता है कि आप कैशलेस माध्यम से सारी चीजें नहीं खरीद सकते। एक कप चाय या सिगरेट खरीदने के लिए आपकी जेब में नकदी होनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि नकदी की तलाश में वह नोएडा के कई एटीएम में घूमे, लेकिन कहीं नकदी नहीं मिली।

पंजाबी ने कहा, "पिछले सप्ताह से ही मेरे पास पैसे नहीं हैं। मैं भुगतान के लिए पेटीएम तथा डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहा हूं, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट की जरूरत होती है और कई जगहों पर नेटवर्क तगड़ा नहीं होता।"

एटीएम में नकदी है या नहीं, यह बताने वाला मोबाइल एप वालेट दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश एटीएम को दिखाता है, लेकिन सारे भूरे रंग के दिखते हैं, जिसका मतलब है कि उनमें पैसे नहीं हैं। कुछ ही एटीएम हरे रंग के दिखते हैं, जिसका मतलब है कि उनमें पैसे डाले गए हैं।

एप में कुछ एटीएम नारंगी रंग के दिखाई दे रहे हैं, जिसका मतलब है कि उनमें पैसे खत्म होने की कगार पर हैं।

नोटबंदी के 44 दिन बाद भी लोग नकदी को लेकर हलकान हैं। उनकी परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।

मोदी ने संकट को खत्म करने के लिए लोगों से 50 दिनों तक संयम बनाए रखने की अपील की है। लेकिन लोग इस बात से नाराज हैं कि हालात बेहतर नहीं हो रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री द्वारा तय समय सीमा पूरी होने में एक सप्ताह शेष बचे हैं।

गुरुग्राम की एक प्रकाशन कंपनी में एचआर मैनेजर रोहिणी भाटिया ने कहा, "मैं कहीं जाने के लिए ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करता हूं, लेकिन कार्ड से भुगतान करने के लिए मुझे कैब का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जो महंगा है।"

पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में आईएएनएस के एक संवाददाता ने पाया कि 20 में से बस दो एटीएम में ही नकदी है। पैसे निकालने के लिए इन दोनों एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

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