नई दिल्ली: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंटी, बीतें 70 सालों में कालाधन के खिलाफ लिया गया सबसे बड़ा फैसला है। इस फैसले से देश को आने वाले समय में काफी फायदा मिलेगा और सिर्फ कुछ सांसद ही फैसले का विरोध कर रहें हैं। वित्त मंत्री ने यह बातें फिक्की की 89वीं वार्षिक आम बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी से कुछ समय की परेशानी है लेकिन लंबे समय का फ़ायदा होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में वैश्विक अर्थव्यवस्था में कई अहम बदलाव हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में मंदी आई है लेकिन इस दौर में भी आर्थिक ताक़तों में भारत की अलग जगह है और यहां की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है।
नोटों की कमी से उपजी समस्या पर बोलते हुए उन्होंने कहा, 'बाजार में नए नोटों को पूरी तरह से आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। आरबीआई पूरी क्षमता से काम कर रहा है और बहुत जल्द ही वह इसे पूरा करने में सक्षम हो जाएगी।'
जीएसटी पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा, 'जीसएटी बिल पास होना हमारे सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी है। आदर्शत: जीएसटी को 1 अप्रैल, 2017 से लागू हो जानी चाहिए। साथ ही सितंबर 2017 से मौजूदा टैक्स व्यव्स्था समाप्त हो जाएगी।
अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी का दीर्घकालिक अवधि में लाभ होगा और हाल में शुरू हुई यह प्रक्रिया जल्द ही आरबीआई के अधिकाधिक सिस्टम में धन मुहैया कराने के साथ ही बहुत जल्दी पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा, ''इस निर्णय से उत्प्न्न होने वाली तात्कालिक परेशानियों को यदि हम सह लेते हैं तो नोटबंदी के दीर्घकालिक अवधि में स्पष्ट लाभ दिखेंगे।''
पूर्वर्ती कांग्रेसी सरकारों पर निशाना साधते हुए अरुण जेटली ने कहा कि आने वाले समय में यह अपने आप में एक नए किस्म की सामान्य बात होगी।
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