भोपाल: माओवाद से त्रस्त पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार भोपाल केन्द्रीय कारागार सहित अपनी 122 जेलों के चारों ओर इलेक्ट्रिक बाड़ा लगाने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही है। हाल में केन्द्रीय कारागार से सिमी के आठ सदस्यों के फरार होने की घटना की पृष्ठभूमि में यह फैसला लिया गया है।
मध्यप्रदेश जेल महानिदेशक (डीजी) संजय चौधरी ने आज बताया, भोपाल कारागार से कैदियों के फरार होने की घटना के मद्देनजर एक आला अधिकार पहले ही इलेक्ट्रिक बाड़ा का अध्ययन करने छत्तीसगढ़ रवाना हो चुके हैं। हम पड़ोसी राज्य के मॉडल को अपनाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि भोपाल केन्द्रीय कारागार से 30-31 अक्टूबर की दरमियानी रात सिमी के 8 विचाराधीन कैदी जेल के एक सिपाही की गला रेतकर हत्या करने के बाद फरार हो गये थे। हालांकि घटना के कुछ घंटे के भीतर भोपाल पुलिस ने शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर मणिखेड़ा पठार के पास कथित मुठभेड़ में उन्हें मार गिराया था।
विपक्षी दलों और पीड़ितों के परिजनों ने इस मुठभेड़ में पुलिस की भूमिका पर तमाम सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश जेलों की सुरक्षा ऑडिट चल रही है और इसी के बाद जेलों में सुरक्षा को बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे।
जब उनसे मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समूचे राज्य के जेलों में ऊंची-ऊंची चारदीवारी बनाए जाने के कदम के बारे पूछा गया, तो चौधरी ने कहा कि ये सभी चीजें जेल की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ही किया जाएगा। वर्तमान में जेलों की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट चल रही है। उन्होंने बताया, हम जेलों की सुरक्षा को एक-एक करके नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि जेलों की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद सभी जेलों की सुरक्षा को एक साथ बढ़ाया जाएगा।
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