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Hindi News भारत राष्ट्रीय हरिद्वार में डुबकी लगाने पाकिस्तान से आए 50 परिवार, कहा-भारत में है रहने की इच्छा

हरिद्वार में डुबकी लगाने पाकिस्तान से आए 50 परिवार, कहा-भारत में है रहने की इच्छा

पाकिस्तान से आए लोगों के साथ बहुत सारा सामाना है, जिसे देखकर ये अनुमान लगाया जा रहा है कि ये लोग शायद ही अब वापस पाकिस्तान लौटें। पाकिस्तान से आए इस 50 परिवारों के समूह के पास 25 दिनों का वीजा है।

pakistani hindu- India TV Hindi Image Source : ANI 50 Hindu families from Pakistan arrived in India today via Wagah-Attari border on a 25-day visa to visit Haridwar

नई दिल्ली। CAA को लेकर पूरे देश में चर्चा का माहौल है। इस कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के प्रताड़ित हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। नागरिकता उन लोगों को मिलेगी, जो 31 दिसंबर 2014 से पहले आए हैं। सीएए पर जारी चर्चा के बीच सोमवार को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते  सोमवार को 50 हिंदू परिवार भारत पहुंचे।

इन लोगों के साथ बहुत सारा सामाना है, जिसे देखकर ये अनुमान लगाया जा रहा है कि ये लोग शायद ही अब वापस पाकिस्तान लौटें। पाकिस्तान से आए इस 50 परिवारों के समूह के पास 25 दिनों का वीजा है। इस दौरान ये लोग हरिद्वार जाएंगे। पाकिस्तान से आए लक्ष्मण ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हरिद्वार में पवित्र डुबकी लगाने के बाद मैं अपने भविष्य के बारे में विचार करूंगा। हालांकि, मैं भारत में रहना चाहता हूं।"

पाकिस्तानी हिंदू वीजिटर वीजा पर भारत आए हैं लेकिन उनमें से कुछ ने दावा किया कि वे पाकिस्तान में सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं और सीएए लागू होने के बाद वे भारतीय नागरिकता मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। अकाली दल के नेता और दिल्ली सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सीमा पर धार्मिक उत्पीड़न के कारण पाकिस्तान से भागने का दावा करने वाले चार परिवारों को लिवाने के लिए मौजूद थे। सीमा अधिकारियों ने दावा किया कि पिछले महीने की तुलना में पाकिस्तान से आने वाले हिंदूओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

सीमा पार कर भारत आने वाले अधिकांश यात्री सिंध और कराची क्षेत्र के थे। उनमें से कुछ के पास सामान था और वे कह रहे थे कि वे भारत में आश्रय ढूंढेंगे। पहचान छुपाने की शर्त पर एक पाकिस्तानी हिंदू ने कहा कि नए नागरिकता कानून के लागू होने के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदू भारतीय नागरिकता मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनमें से अधिकांश अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए राजस्थान आ रहे हैं। एक महिला ने कहा, “ हम पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं महसूस करते। हमारी लड़कियों को हमेशा डर लगा रहता है कि कोई कट्टरपंथी उनका अपहरण कर लेगा और पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रह जाएगी। हमारी लड़कियां पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में आजादी से चल भी नहीं सकती हैं।” 

बिना अपना नाम बताए दो अन्य महिलाओं ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों का अपहरण अब रोज की बात हो गई है और किसी भी परिवार ने कट्टरपंथियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं की। इस बीच, अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि वह पाकिस्तान से भागे हुए चार परिवारों को लिवाने के लिए सीमा पर गए थे। सिरसा ने कहा कि वह मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे और उनसे इन लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का अनुरोध करेंगे। सिरसा ने ट्वीट किया, “अपना धर्म और जीवन बचाने के लिए चार हिंदू-सिख परिवार पाकिस्तान से भाग आए। आज मैं उन्हें सीमा से लिवा लाया। हम जल्दी से जल्दी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर उनसे इन्हें नागरिकता देने का अनुरोध करेंगे।” 

इनपुट- भाषा

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