नई दिल्ली: देश में कम से कम 200 केंद्रीय विद्यालयों और 125 नवोदय विद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं। यह बात मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में केंद्रीय विद्यालयों में 10 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी होने की बात सामने आई है जिसमें प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षक भी शामिल हैं।
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यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में रिक्त पदों को भरने की मांग हो रही है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से पेश 2015-16 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में केंद्रीय विद्यालयों में प्राचार्य के 1081 पद हैं जिसमें से 200 पद रिक्त हैं जबकि उप प्राचार्य के पद 113 स्कूलों में रिक्त हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय विद्यालयों में टीजीटी, पीजीटी और पीआरटी स्तर पर शिक्षकों के 10,039 पद रिक्त हैं। इसके अलावा गैर शिक्षण 14,144 पद रिक्त हैं। अभी केंद्रीय विद्यालयों में 1,142 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं जिसमें तीन स्कूल विदेशों में है। विदेशों में इन तीन स्कूलों में रूस के मास्को, नेपाल के काठमांडू और ईरान के तेहरान में हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने 50 केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए 650 नियमित पद प्रदान करने को मंजूरी दी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जवाहर नवोदय विद्यालय में प्राचार्यो के मंजूरी 589 पदों में 125 पद रिक्त हैं जबकि इनमें 53 स्कूलों में उप प्राचार्य नहीं हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय में शिक्षकों के 2,023 पद रिक्त हैं।
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