जयपुर: राजस्थान में एक अनोखी पहल के तहत पहली बार राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 3 बालिकाओं को एक दिन के लिये मंत्री बनाया गया है। गरिमा बालिका संरक्षण सम्मान के तहत महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल ने अपने मंत्रालय का प्रभार राजसमंद की जशोदा गमेती, टोंक की सोना बैरवा और प्रीती कंवर राजावत को एक दिन के लिये सौंपा।
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तीनों बालिकाओं ने मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 10 हजार 500 मोबाइल फोन और 282 महिला सुपरवाइजर्स को आई पैड वितरण करने की योजना स्वीकृत की। भदेल ने एक दिन के लिये मंत्री बनी तीनों बालिकाओं को मंत्रालय के कार्यकलापों के बारे बताया। तीनों बालिकाओं ने बाल विवाह के विरोध में आवाज उठायी।
इस अवसर पर भदेल ने कहा, हम संदेश देना चाहते हैं कि लड़कियां कहीं भी लड़कों से कम नहीं हैं। यदि उन्हें स्वतंत्रता दी जाये तो तो वे ऊंची उड़ान भर सकती है। उन्हें आगे बढाने में समाज को समानता के अवसर देने चाहिए ताकि उनमें अपने आप को साबित करने के लिये आत्म विश्वास विकसित हो सके।
इससे पूर्व भदेल ने राज्य स्तरीय समारोह में समाज में बालिकाओं के प्रति मानसिकता में बदलाव जाने की आवश्यकता बताते हुए कहा बालिकाओं को बढावा देने के लिये सरकार ने विभिन्न योजनाएं चला रखी है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव कुलदीप रांका, एकीकृत बाल विकास सेवाओं के निदेशक समित शर्मा और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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