नई दिल्ली: करीब 72 फीसदी लोगों का मानना है कि नए सत्र में स्कूलों ने 10 फीसदी से ज्यादा शुल्क बढ़ा दिया है। एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। इसमें 9000 माता-पिता ने भाग लिया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सितंबर, 2016 में स्कूलों को सीबीएसई और स्कूल वेबसाइट पर शुल्क का खुलासा किया जाना अनिवार्य किया था। सीबीएसई के अंतिम अधिसूचना के अनुसार, कुल 18,000 स्कूलों में से सिर्फ 14,000 स्कूलों ने आदेश का अनुपालन किया।
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नागरिकों से जुड़े एक मंच 'लोकल सर्किल्स' द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, दिल्ली में 59 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके स्कूलों ने 11 फीसदी से 20 फीसदी के बीच शुल्क बढ़ा दिया है।
करीब 13 फीसदी लोगों ने कहा कि यह बढ़ोतरी 20 फीसदी से ऊपर रही। सिर्फ 28 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके स्कूलों में शुल्क में बढ़ोतरी 10 फीसदी से कम रही।
राष्ट्रीय स्तर पर किए गए सर्वेक्षण में 54 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके स्कूलों ने शुल्क 11 फीसदी से 20 फीसदी के बीच बढ़ाया है।
करीब 15 फीसद माता-पिता ने कहा कि यह बढ़ोतरी 20 फीसदी से ज्यादा रही। करीब 31 फीसदी लोगों के लिए यह बढ़ोतरी शून्य से दस फीसदी के बीच रही।
'लोकल सर्किल्स' ने यह सर्वेक्षण देश के 17 राज्यों में किया।
हरियाणा, आंध्र प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड और गोवा के 75 फीसदी से ज्यादा माता-पिता ने कहा कि उनके बच्चों के स्कूलों ने शुल्क में दस फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की है।
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