मुम्बई: पिछले साल उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में LOC पर आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद होनेवाले सेना के अधिकारी के सहपाठियों ने उनकी यूनिट के सैनिकों के लिए मिठाइयों के 400 पैकेट भेजे हैं। पिछले साल नवंबर में कुपवाड़ा के हाजी नाका वन्य क्षेत्र में एक अभियान के दौरान 41 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल संतोष महादिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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महादिक के एक सहपाठी ने कहा, ''300 किलोग्राम के मिठाई के डब्बे श्रीनगर हवाई अड्डे पर पहुंचे हैं और उन्हें उन सैनिकों के बीच बांटने के लिए 41 राष्ट्रीय राइफल्स में भेजा जा रहा है जिन पर शहीद महादिक कभी कमांड करते थे। कर्नल महादिक सतारा सैनिक स्कूल के छात्र थे।
उनके सहपाठी ने कहा, ''इस साल, हमने उनके साथी सैनिकों के बारे में सोचा जो प्रतिकूल मौसम एवं सीमापार से तथा अंदर से भी दुश्मनों से जूझते रहते हैं। हमने सोचा कि यह सैनिकों के लिए एक सद्भावना होगी जो अपने परिवारों से दूर दिवाली मनाते हैं।'' 21 पारा स्पेशल फोर्सेज यूनिट के अधिकारी कर्नल महादिक को पूर्वोत्तर में 2003 में ऑपरेशन रिह्नो को लेकर वीरता का सेनापदक प्रदान किया गया था।
महादिक की विधवा 11 महीने के प्रशिक्षण के लिए SSCW (गैर तकनीकी) के तहत ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में शामिल हुई थी। वह लेफ्टिनेंट के तौर पर सेना से जुड़ीं। महादिक के दोस्त याद करते हैं वह बहुत अच्छे फुटबॉल गोलकीपर, कुशल घुड़सवार, बॉक्सर और हरफनमौला थे।
महादिक के दोस्तों-- मनीष मनीडेरगी, गिरिधर कोले, दीपक पाटिल और शशिकांत वाघमोरे ने यह पहल शुरू की है जिसे वे ऑपरेशन दिवाली कह रहे हैं।
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