नई दिल्ली: भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम पर आज ताजा हमला करते हुए कहा कि उनका पद पर बने रहना सहिष्णुता है। स्वामी ने ट्विटर पर लिखा है, अरविंद एस ने नमो को औसत दर्जे का, दंगा-कुशल नेता बताया था और अमेरिका से औषधि कंपनियों के लिए बाजार बाजार खोलने के मुद्दे पर भारत को डब्ल्यूटीओ में घेरने को कहा था। वह सीईए हैं.. सहिष्णुता। हालांकि केन्या में जन्में उर्जित पटेल की रिजर्व बैंक गवर्नर पद पर नियुक्ति का स्वामी ने समर्थन कर कइयों को अचंभित किया।
तेज तर्रार भाजपा सांसद ने निवर्तमान आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को निशाना बनाते हुए कहा था कि आईएमएफ के पूर्व अर्थशास्त्री मानसिक रूप से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं और अपने पास अमेरिकी ग्रीन कार्ड रखे हुए हैं। राजन के दूसरा कार्यकाल नहीं लेने की घोषणा के बाद स्वामी ने जून में अरविंद सुब्रमणियम को निशाना बनाते हुए उन्हें बर्खास्त किए जाने की मांग की थी। उनका कहना था कि सीईए (मुख्य आर्थिक सलाहकार) ने उस समय भारत के खिलाफ रूख अपनाया था जब वे वित्त मंत्रालय से जुड़ने से पहले वाशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष में अर्थशास्त्री थे। उस समय वित्त मंत्री स्वामी की बातों को खारिज करते हुए कहा था, सीईए पर सरकार को पूरा भरोसा है। उन्होंने समय समय पर सरकार को बहुत मूल्यवान राय दी है।
स्वामी ने उस जाहिरा तौर पर समय अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा था कि देश भक्त बताया जा रहा कोई भारतीय यदि किसी दूसरे देश को जहां कि वह काम कर रहा हो, भारत की बांह मरोड़ने की सलाह देता हो और उसे माफ किया जाता हो तो मैं अपनी मांग निलंबित करता हूं। सुब्रमणियम को भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अक्तूबर 2014 में सीईए बनाया था। इससे पहले इस पद पर रघुराम राजन थे जो इस समय रिजर्व बैंक के गवर्नर हैं। राजन को सितंबर 2013 में आरबीआई में भेजा गया था। ट्विटर पर एक व्यक्ति ने स्वामी पर राजन और पटेल के मामले में दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया तो स्वामी ने जवाब में कहा, यदि आप फर्क नहीं बता पा रहे हैं तो आप बुद्धू वर्ग के हैं। स्वामी ने कल एक ट्वीट में कहा था, यह सोना बिल्कुल बेकूफाना होगा कि मैं पटेल की इस लिए आलोचना करूंगा क्यों कि वह केन्या में पैदा हुए हैं।
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