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एनईईटी परीक्षा में छात्रा से अंत:वस्त्र उतारने को कहने वाली शिक्षिकाएं निलंबित

देश भर के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के दौरान तलाशी के तहत एक छात्रा से अंत:वस्त्र उतारने को कहने वाली चार महिला शिक्षकों को अधिकारियों ने एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है।

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- India TV Hindi
Image Source : PTI neet entrance

कन्नूर: देश भर के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के दौरान तलाशी के तहत एक छात्रा से अंत:वस्त्र उतारने को कहने वाली चार महिला शिक्षकों को अधिकारियों ने एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। स्कूल प्रबंधन ने भी मामले की जांच शुरू की है।

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यहां केरल के एक परीक्षा केंद्र में 18 वर्षीय एक लड़की ने आरोप लगाया कि उससे प्रवेश परीक्षा में बैठने से पहले अपने अत:वस्त्र उतारने को कहा गया। एक अन्य अभ्यार्थी से उसकी जीन्स पर लगे धातु के बटन हटाने को कहा गया।

जब पीड़ित छात्रा अपने घर लौटी तो उसने पूरी दास्तान अपनी मां को सुनाई। इसी तरह एक अन्य महिला परीक्षार्थी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने जीन्स पहन रखी थी, जिसमें पॉकेट और मेटल के बटन थे, जिसे हटाने को कहा गया बाद में लड़की को परीक्षा केंद्र से तीन किलोमीटर दूर जाकर नए कपडे खरीदने पड़े तब जाकर लड़की को परीक्षा देने का मौका मिला।

इस घटना के बाद सीधे तौर पर यह सवाल उठता है कि आखिर देश में जहाँ एक तरफ लड़कियों की इज़्ज़त करने और उनकी सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े अभियान और योजनाएं चलाई जा रही हैं वहीं दूसरी तरफ इस तरह की शर्मनाक घटनाऐं हो रहीं हैं जिनपर सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।

केरल महिला आयोग ने जांच का आदेश दिया है। वहीं, कन्नूर जिला पुलिस प्रमुख जी शिव विक्रम ने कहा कि यदि माता पिता या लड़की ने शिकायत दर्ज कराई तो इस सिलसिले में एक मामला दर्ज किया जाएगा। यह मुद्दा राज्य विधानसभा में भी गूंजा।

वहीं, पूरी बाजू की कमीज पहने कई छात्रों से कहा गया कि सिर्फ आधी बाजू की कमीज पहन कर ही परीक्षा भवन में जाने की इजाजत है। इसके चलते उनके पास कोई चारा नहीं बचा। उन्हें कैंची से कमीज की बाजू काटने के लिए मजबूर होना पड़ा। जो लोग जूते पहन कर आए थे उन्हें इसे उतारना पड़ा और अपने माता पिता की चप्पलें पहननी पड़ी। सीबीएसई ने परीक्षा के लिए नये दिशानिर्देश जारी किए थे जिसके मुताबिक नकल रोकने के लिए सिर्फ जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रवेश पत्र लाने को कहा गया था।

साथ ही, छात्राओं से कहा गया था कि वे बड़े बटन, बड़ी पिन, उंची एड़ी वाले जूते नहीं पहन कर आएं जबकि जबकि छात्रों को कुर्ता पायजामा, पूरी बाजू की कमीज और जूते पहनने की मनाही थी। एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिला चाह रहे 11 लाख से अधिक उम्मीदवार देश भर में 1900 से अधिक केंद्रों पर कल राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल हुए।

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