चंडीगढ़: सतलज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर हरियाणा और पंजाब के बीच तनातनी बरकरार है। हरियाणा के विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) का प्रदर्शन गुरुवार को तेज हो गया, जब हजारों की संख्या में पार्टी के नेता व कार्यकर्ता अंबाला शहर से पार्टी के आह्वान पर एसवाईएल नहर की खुदाई के लिए पंजाब से सटे सीमावर्ती इलाके की ओर बढ़े। ट्रैक्टर-ट्रॉली, मिनीट्रक और अन्य वाहनों से इनेलो के समर्थकों ने अंबाला से करीब 10 किलोमीटर दूर हरियाणा व पंजाब के बीच शंभु सीमा की ओर कूच किया। वहीं बॉर्डर पर तैनात पंजाब पुलिस ने कार्यकर्ताओँ को रोक लिया।
- इनेलो की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष अशोक अरोड़ा पार्टी महासचिव अभय चौटाला के साथ ट्रैक्टर-टॉली में बैठकर रवाना हुए। अभय चौटाला ने ही एसवाईएल नहर की खुदाई का आह्वान किया है।
- पंजाब व हरियाणा के बीच शंभु नाके पर दोनों राज्यों की पुलिस, अर्धसैनिक बल हाईअलर्ट पर रहे, ताकि इनेलो समर्थकों को पंजाब में प्रवेश करने से रोका जा सके।
- इनेलो के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बलों ने सुबह से ही हरियाणा में अंबाला और पंजाब में राजपुरा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 को सील कर दिया था।
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को अमृतसर से जोड़ने वाले इस व्यस्त राजमार्ग को सील किए जाने की वजह से हजारों लोगों को गुरुवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
- पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यातायात अन्य मार्गो पर परिवर्तित कर दिया गया।
- पंजाब और हरियाणा के हजारों मोटरचालक रोजाना एनएच-1 से सफर करते हैं।
- हरियाणा के अंबाला और पंजाब के पटियाला जिलों में सीमा को हाईअलर्ट पर रखा गया है।
- पटियाला रेंज उपमहानिरीक्षक आशीष चौधरी ने शंभु नाके पर कहा, "हमने पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। किसी भी कार्यकर्ता को पंजाब में जाने की अनुमति नहीं होगी।"
- पंजाब सरकार के एक हेलीकॉप्टर और कई अन्य ड्रोनों के जरिये भी हालात की निगरानी की जा रही है।
- इनेलो के कार्यकर्ता एवं नेता सुबह से ही अंबाला शहर के सब्जी मंडी ग्राउंड में जुटने लगे थे।
- हरियाणा के पुलिस महानिदेशक के.पी. सिंह ने कहा कि राज्य पुलिस हालात से निपटने के लिए तैयार है।
क्या है मामला
- राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2016 को पंजाब विधानसभा से पारित पंजाब टर्मिनेशन ऑफ वाटर एग्रीमेंट्स बिल 2004 को असंवैधानिक करार दिया था।
- इसके जरिये राज्य विधानसभा ने पंजाब तथा पड़ोसी राज्यों के बीच जल साझा करने वाले सभी समझौतों को निरस्त कर दिया था, जिससे एसवाईएल नहर की निर्माण योजना खटाई में पड़ गई थी। इससे हरियाणा में कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलना है।
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