नई दिल्ली: विवादास्पद तांत्रिक चंद्रास्वामी का मंगलवार को 66 साल की उम्र में निधन हो गया। पूर्व पीएम नरसिम्हा राव के करीबी मानेजाने वाले चंद्रास्वामी 1990 के दशक में काफी चर्चित हुए थे। माना जाता है कि वे नरसिम्हा राव के आध्यात्मिक गुरु थे। नरसिम्हा राव के शासन के दौरान उनके पास बेशुमार शक्तियां थीं । उन्हें राव का भरोसेमंद सहयोगी और सलाहकार माना जाता था ।इंग्लैंड में मार्गरेट थैचर के पीएम बनने की भविष्यवाणी भी सही साबित हुई थी जिसकी वजह से मार्गरेट थैचर भी चंद्रास्वामी का काफी सम्मान करती थीं। मार्गरेट थैचर से चंद्रास्वामी की मुलाकात का जिक्र और पीएम बनने की भविष्यवाणी का जिक्र पूर्व विदेश मंत्री के नटवर सिंह ने अपनी किताब “वॉकिंग विद लॉयन्स- टेल्स फ्रॉम अ डिप्लोमेटिक पास्ट” में भी किया है। उन्होंने लिखा है कि 1975 में जब वे ब्रिटेन में भारत के उप उच्चायुक्त थे तब चंद्रास्वामी उनसे मिलने इंडिया हाउस पहुंचे थे। चंद्रास्वामी की उम्र उस वक्त महज 25 से 30 साल की थी। उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी की नेता मार्गरेट थैचर से मुलाकात कराने को कहा।
नटवर सिंह ने थैचर से कराई मुलाकात
नटवर सिंह ने काफी मशक्कत के बाद थैचर से उनकी मुलाकात कराई। नटवर सिंह ने लिखा कि हाउस ऑफ़ कॉमन्स के अपने छोटे से कमरे में विपक्ष की नेता ने मेरी बात सुनी और कहा, “अगर आपको लगता है कि मुझे मिलना चाहिए तो मैं मिलूंगी। लेकिन वह मुझसे मिलना क्यों चाहते हैं”। इस पर नटवर सिंह ने कहा कि वह चंद्रास्वामी खुद उन्हें बताएंगे तो उन्होंने अगले हफ़्ते, ‘सिर्फ दस मिनट’, मिलने का वक्त दिया। थैचर से मिलने जाते हुए चंद्रास्वामी पूरे साधु भेस में थे। परिचय के बाद थैचर ने पूछा, “आप मुझसे क्यों मिलना चाहते थे?” चंद्रास्वामी ने हिंदी में जवाब दिया, जिसका नटवर सिंह ने इसका अंग्रेजी में अनुवाद किया, “इन्हें कहिए कि जल्द ही पता चल जाएगा।” चंद्रास्वामी ने एक कागज मंगवाया, उस पर ऊपर से नीचे तक और दाएं से बाएं तक लकीरें खींच दीं। इसके बाद चंद्रास्वामी ने थैचर को कागज़ के पांच टुकड़े दिए और सभी पर सवाल लिखकर, अच्छी तरह मोड़कर कागज पर बने खांचों में रखने को कहा।
पीएम बनने की भविष्यवाणी सच साबित हुई
चंद्रास्वामी ने ध्यान लगाया और थैचर से कोई एक सवाल खोलकर मन ही मन पढ़ने को कहा। फिर चंद्रास्वामी ने बताया कि सवाल क्या था। नटवर सिंह ने अंग्रेजी में अनुवाद करके थैचर को समझाया। इस तरह चंद्रास्वामी ने पांचों सवाल सही-सही बता दिए। यह देखकर मर्गरेट थैचर का हावभाव बदल गया। थैचर की उत्सुकता बढ़ गई, वे और ज्यादा जानना चाहती थीं लेकिन चंद्रास्वामी ने कहा कि अब सूर्य अस्त हो रहा है इसलिए वे कर दोपहर ढाई बजे नटवर सिंह के आवास पर आ जाएं। यह कहकर चंद्रास्वामी ने थैचर को एक ताबीज दी जिसे बाएं हाथ पर पहन कर आने को कहा।अगले दिन तय समय पर मार्गरेट थैचर नटवर सिंह के आवास पर पहुंची। ताबीज भी सही जगह पर बांध रखा था। प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर चंद्रास्वामी ने कहा कि वे पीएम जरूर बनेंगी और नौ, ग्यारह या तेरह साल के लिए प्रधानमंत्री बनेंगी। जब मार्गरेट थैचर ने चंद्रास्वामी से पूछा कि वो वक्त कब आएगा तो चंद्रास्वामी ने जवाब दिया तीन या चार साल के अंदर वे प्रधानमंत्री बन जाएंगी। चंद्रास्वामी की भविष्यवाणी सही साबित हुई और मार्गरेट थैचर 11 साल तक प्रधानमंत्री ब्रिटेन की प्रधानमंत्री रहीं।
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