नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि 2.5 लाख रुपये से कम की राशि जमा कराने वालों को किसी तरह की परेशानी पेश नहीं आएगी। उनका यह बयान 500 और 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद गुरुवार को पहली बार बैंक खुलने के बाद आया है। देशभर के विभिन्न बैंकों में इन नोटों को बदलने के लिए लोगों की भारी भीड़ है।
जेटली ने दो दिवसीय आर्थिक एडिटर्स सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर संवाददाताओं से कहा, "छोटी जमा राशि पर किसी से सवाल नहीं किए जाएंगे और उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।" उन्होंने कहा, "भारी मात्रा में अघोषित पूंजी रखने वाले लोगों को ही मौजूदा कानूनों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।"
उन्होंने कहा कि लोगों को शुरुआत में परेशानी हो सकती है लेकिन मध्यावधि से दीर्घावधि में उन्हें इस सरकारी नीति से लाभ होगा, जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार, काला धन रोकना है।
उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक मुद्रा जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लोगों की सुविधा का ध्यान रखा है। पुराने नोटों के बदले लोगों को नये नोट उपलब्ध कराने के लिये बैंक शनिवार, रविवार को खुले रहेंगे।
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