नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कल गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान चप्पे चप्पे पर कड़ी निगाह रखने के लिए हजारों की संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया जा रहा है और खुफिया सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए किसी भी हवाई हमले की आशंका को विफल बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है।
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राजधानी की तगड़ी किलेबंदी
ऐतिहासिक राजपथ पर सुरक्षा के खास इंतजाम किये गए हैं जहां सशस्त्र सेना के सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश की सैन्य ताकत के प्रदर्शन को देखेंगे। पूरे मध्य और नई दिल्ली क्षेत्र में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50 हजार जवानों को तैनात किया गया है जो चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे।
ज़मीन से आसमान तक कड़ी निगरानी
हाल की खुफिया सूचना में लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूहों की ओर से हेलीकॉप्टर चार्टर सेवाओं और चार्टर उड़ानों का इस्तेमाल करके हवाई हमला करने की योजना की आशंका के मद्देनजर दिल्ली पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसे किसी भी हमले को विफल बनाने या उड़ती संदिग्ध वस्तु का पता लगाने के लिए पुलिस ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रही है।
ऐसी सुरक्षा न कभी देखी, न सुनी!
अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा सभी ऊंची इमारतों पर सुरक्षा बलों को विमानरोधी तोपों के साथ तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष सथापित किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को जारी परामर्श में कहा गया है कि सुरक्षा बलों के लिए यह जरूरी है कि वे खतरों के दायरे को समझें और उससे निपटने के लिए उपयुक्त रास्ते अपनायें।
सुरक्षा बलों से कहा गया है कि पुलिस एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी ठीक से जांच की जाए क्योंकि ऐसी आशंका है कि आतंकवादी सुरक्षा बलों का वेश धारण कर सकते हैं। परामर्श के अनुसार, आतंकवादी फिदायीन हमला करने के लिए सुरक्षा बलों की पोशक का उपयोग कर सकते हैं और इसलिए सुरक्षा कर्मियों की पहचान और जांच की पर्याप्त व्यवस्था की जाए जो गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान तैनात होंगे।
सुरक्षा बलों को चेताया गया है कि कुछ मुस्लिम चरमपंथी संगठन 9:11 हमले की तर्ज पर हवाईजहाजों का इस्तेमाल करके हमला करने की योजना बना रहे हैं। 26 जनवरी को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से सवा बारह बजे के बीच इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से न किसी वाणिज्यिक उड़ान की अनुमति दी जायेगी और न कोई विमान उतर ही सकेगा।
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