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थकना, हारना, टूटना, बिखरना मानव को मंजूर नहीं, सतर्क रहते हुए आगे बढ़ना है: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि हमें अब कोरोना के खिलाफ जंग के नियमों का पालन करते हुए आगे बढ़ना है।

थकना, हारना, टूटना, बिखरना मानव को मंजूर नहीं, सतर्क रहते हुए आगे बढ़ना है: PM मोदी- India TV Hindi
Image Source : PTI थकना, हारना, टूटना, बिखरना मानव को मंजूर नहीं, सतर्क रहते हुए आगे बढ़ना है: PM मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि  हमें अब कोरोना के खिलाफ जंग के नियमों का पालन करते हुए आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा, "एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं। लेकिन थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है। सतर्क रहते हुए, ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए, अब हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है।"

पीएम मोदी ने कहा, "जब हम इन दोनों कालखंडो को भारत के नजरिए से देखते हैं तो लगता है कि 21वीं सदी भारत की हो, ये हमारा सपना नहीं, ये हम सभी की जिम्मेदारी है।" उन्होंने कहा, "विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है- आत्मनिर्भर भारत।" पीएम ने कहा, "एक राष्ट्र के रूप में आज हम एक बहुत ही अहम मोड़ पर खड़े हैं। इतनी बड़ी आपदा, भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है।"

पीएम मोदी ने कहा, "कोरोना से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब 4 महीने से ज्यादा समय बीत गया है, इस दौरान तमाम देशों के, 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, पौने 3 लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मृत्यु हुई है, भारत में भी, अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं, मैं सभी के प्रति, अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। साधियो एक वायरस ने तहस नहस कर दिया है, विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं, सारी दुनिया जिंदगी बचाने में एक प्रकार से जंग में जुटी है।"

PM ने कहा, "साथियों हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते हाए हैं कि 21वीं सदी भारत की है, हमें कोरोना से पहले की दुनिया की वैश्विक व्यवस्थाओं को विस्तार से देखने समझने का मौका मिला है, संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं जब इन दोनों कालखंडों को भारत के नजरिए से देखते हैं तो लगता है कि 21वीं सदी भारत की हो, यह हमारा सपना ही नहीं, ये हम सभी कि जिम्मेदारी भी है। लेकिन, इसका मार्ग क्या हो? विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है- आत्मनिर्भर भारत।"

पीएम ने कहा, "यही रास्ता है आत्मनिर्भर भारत, एक राष्ट्र के रूप में आज हमें बहुत अहम मोड़ पर खड़े हैं इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है। मैं एक उदाहरण के साथ अपनी बात बताने का प्रयास करता हूं, जब कोरोना संकट शुरू हुआ तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी, एन 95 मास्क का भारत में नाम मात्र उत्पादन होता था।"

पीएम ने कहा, "आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज 2 लाखपीपीई किट और 2 लाख एन 95 मास्क बनाए जा रहे हैं, ये हम इसलिए कर पाए क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया। आपदा को अलवसर में बदलने की भारत की यह दृष्टि, आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी सिद्ध होने वाली है।साथियो आज विश्व में आत्मनिर्भर शब्द के मायने पूरी तरह बदल गए हैं। वैश्विक संसरार में आत्मनिर्भरता की परिभाषा बदल रही है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में लोगों से स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और लोकल मार्केट को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा, "कोरोना संकट ने हमें स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, लोकल मार्केट का महत्व समझा दिया है। समय ने हमें सिखाया है कि लोकल को हमें अपना जीवन मंत्र बनाना ही होगा। आपको आज जो ग्लोबल ब्रांड लगते हैं, वह भी कभी लोकल थे। लेकिन, लोगों ने जब उनका इस्तेमाल बढ़ाया, तो वे लोकल से ग्लोबल बने गए।"

पीएम मोदी ने कहा कि, "इसलिए आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए 'वोकल' बनना है। न सिर्फ लोकल प्रोडक्ट खरीदने हैं बल्कि उनका प्रचार भी करना है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है।" इसी बीच पीएम मोदी ने आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा, "कोरोना संकट का सामना करते हुए, नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। ये आर्थिक पैकेज, 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।"

पीएम मोदी ने कहा, "हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे, और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है। ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है।" उन्होंने कहा, "इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा। 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा।"

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