A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. UP: पीलीभीत में आदमखोर बाघ की दहशत, 5 लोगों की ली जान

UP: पीलीभीत में आदमखोर बाघ की दहशत, 5 लोगों की ली जान

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक आदमखोर घोषित बाघ ने पांच व्यक्तियों को अपना शिकार बनाया और अपने पांचवें शिकार को अपना निवाला बना लिया। आदमखोर बाघ को पकड़ने में लगे उत्तर प्रदेश के अधिकारी ने कहा कि उसे पकड़ने के बाद पिंजड़े में कैद किया जाएगा।

Tiger- India TV Hindi
Image Source : PTI Tiger

पीलीभीत/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक आदमखोर घोषित बाघ ने पांच व्यक्तियों को अपना शिकार बनाया और अपने पांचवें शिकार को अपना निवाला बना लिया। आदमखोर बाघ को पकड़ने में लगे उत्तर प्रदेश के अधिकारी ने कहा कि उसे पकड़ने के बाद पिंजड़े में कैद किया जाएगा।

(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)  

पीलीभीत जिले के वन संरक्षक वी. के. सिंह ने कहा, "आदमखोर बाघ एक अच्छा शिकारी नहीं है। वह जंगल के बाहर खेतों के आस-पास के लोगों को अपना शिकार बनाता है और वह केवल मुलायम उत्तकों को अपना निवाला बनाता है।"

उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह नर है या मादा। ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे सिंह के अनुसार, ऐसा लगता है कि बाघ के मुंह में संक्रमण हो गया है, जिससे वह असमान्य रूप से काम कर रहा है। सिंह ने कहा कि बाघ ने पास बंधे बकरी और हिरण के बजाए, लोगों को अपना निवाला बनाया। अधिकारियों ने बताया कि पहली बार बाघ ने पिछले साल 27 नवंबर, 11 दिसंबर और इस साल 11 जनवरी को लोगों पर हमले किए थे। 

पीलीभीत जिले के पुरनपुरा शहर के पास के गांव में पांच और सात फरवरी को दो लोगों को मारने के बाद इसे उत्तर प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक ने बाघ को आदमखोर घोषित किया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाघ ने खेत के पास मच्छरदानी में सो रहे किसान को घसीटते हुए मार डाला। सिंह ने कहा कि सभी घटनाएं आठ से 12 किलोमीटर के दायरे में हुई हैं।

इसी बीच लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व से गुरुवार को बाघ को पकड़ने के लिए चार हाथियों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही के जंगलों में लाया गया है। सिंह ने कहा, "लखनऊ चिड़ियाघर से बाघ को पकड़ने में मदद के लिए तीन पशु चिकित्सकों को लाया गया है। हम उन्हें पकड़ने की कोशिश करेंगे।"

लोगों और जानवरों के बीच संघर्ष के मामले तराई क्षेत्रों के साथ ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण बस्तियों के आस-पास जंगलों का होना है।

Latest India News