नई दिल्ली: कश्मीर में सबजार अहमद बट के मारे जाने के बाद आतंकी संगठन हिजबु़ल मुजाहिदीन के कमांडर का पद खाली हो गया है जिसके बाद आतंकवादियों के बीच जंग छिड़ गई है। मुसा गुट ने आज एक वीडियो जारी करके विरोधियों को सीधे चेतावनी दे दी है कि जो भी ज़ाकिर मूसा का विरोध करेगा उसका हाल सबजार भट्ट जैसा होगा। इससे पहले कल भी एक आतंकी का वीडियो सामने आया था जिसमें नकाब पहने एक आतंकी ये दावा कर रहा था कि उसने ही त्राल में हिजबुल के आतंकवादी सबजार भट को सुरक्षाबलों के हाथों मरवाया। ये भी पढ़ें: इस ब्लड ग्रुप के लोग हैं एलियंस, कहीं आप भी तो उनमें से एक नहीं
इस आतंकवादी ने कहा कि कश्मीर में जाकिर मूसा ही आतंकवादियों का लीडर है और जो आतंकवादी मूसा को लीडर नहीं मानेगा और उसकी खिलाफत करेगा, उसका अंजाम वही होगा जो सबजार का हुआ। बता दें कि बुरहान वानी के उत्तराधिकारी कहे जाने वाले सबजार भट्ट के एनकाउंटर के बाद से ही हिज्बुल मुजाहिद्दीन में ऐसी बातें चल रही हैं कि क्या जाकिर मूसा ने सबजार भट्ट को धोखा दिया है।
जाकिर मूसा के संगठन छोड़ने के बाद से हिजबुल कमांडर का पद खाली है। जाकिर ने कश्मीर में कथित 'आजादी की लड़ाई' की जगह आतंकी संगठन आईएस के तरीके के जिहाद करने का ऐलान किया था, जिसके बाद संगठन ने उससे किनारा कर लिया था।
सूत्रों के मुताबिक, 25 साल का सद्दाम पहले भी हिजबुल कमांडर बनने की दौड़ में था, लेकिन मूसा ने बाजी मार ली थी। सद्दाम शोपियां के हेफ गांव से ताल्लुक रखता है। उसने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर पिता के बगीचे में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। उसने पांच साल पहले हथियार उठा लिया था। 2014 तक वह लश्कर के मॉड्यूल का हिस्सा था। उस वक्त अब्बास शेख, राहुल आमीन डार, वसीम शेख और फारूक बिजरान जैसे आतंकी उसके साथी थे।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस समय दक्षिणी कश्मीर में 200 आतंकी सक्रिय हैं, इनमें से 110 आतंकी स्थानीय हैं। पुलिस के मुताबिक, पुलवामा जिले में हिजबुल से 21 आतंकी जुड़े हुए हैं। बाकी के आठ लश्कर के कमांडर अबु दुजाना के साथ है। रियाज भी दुजाना ग्रुप का सदस्य था। बाद में उसने बुरहान वानी के अंडर में हिजबुल जॉइन कर लिया।
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आखिर भारत में इसे क्यों कहा जाता है ‘उड़ता ताबूत’?
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