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Hindi News भारत राष्ट्रीय "4 साल में मुस्लिम समझ जाएंगे बिल के फायदे, अब मिलीभगत नहीं चलेगी", वक्फ संशोधन विधेयक पर बोले अमित शाह

"4 साल में मुस्लिम समझ जाएंगे बिल के फायदे, अब मिलीभगत नहीं चलेगी", वक्फ संशोधन विधेयक पर बोले अमित शाह

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर आज चर्चा की जा रही है। इस मामले पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्फ में किसी भी गैर इस्लामिक सदस्य को रखने का उद्देश्य नहीं है।

Amit Shah is speaking on the Waqf Amendment Bill said there will be no non-Islamic in Waqf- India TV Hindi Image Source : PTI वक्फ संशोधन विधेयक पर बोल रहे हैं अमित शाह

लोकसभा में अमित शाह वक्फ संशोधन विधेयक पर बोल रहे हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, वक्फ में पहले तो कोई गैर इस्लामिक सदस्य आएगा ही नहीं। ना मुतवल्लिक गैर इस्लामिक होगा और ना ही कोई दूसरा गैर इस्लामी होगा। अमित शाह ने इसपर आगे कहा कि वक्फ धार्मिक हुआ, वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद धार्मिक नहीं है। विरोधी दलों द्वारा वोटबैंक के लिए मुसलमानों को भड़काया जा रहा है। आप लोग (विपक्षी दल) देश को तोड़ दोगे। मैं मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में कोई भी गैर मुसलमान नहीं आएगा। लेकिन जो वक्फ बोर्ड है और वक्फ परिषद है, उसे लेकर हम प्रावधान लेकर आए हैं, ताकि वक्फ के नाम पर औने-पौने दाम में संपत्तियों को 100-100 साल के लिए किराए पर देने वालों को पकड़ना और उन्हें निकालना इस बिल का उद्देश्य है। वक्फ का पैसा जो चोरी होता है ना उसे पकड़ने का काम वक्फ परिषद करेगा। ये चाहते हैं कि इनके राज में जो मिलीभगत चल रही थी, वो चलती रहे। लेकिन ये नहीं चलने देंगे हम। 

कांग्रेस ने रातों-रात बदला वक्फ का नियम

अमित शाह ने कहा कि 2013 में वक्फ का जो संशोधन आया। अगर वो नहीं किया गया होता तो ये बिल लाने की जरूरत नहीं पड़ती। 2014 में चुनाव आने वाला था और 2013 में रातों रात वक्फ कानून को एक्स्ट्रीम बनाया गया। इसके कारण हुआ ये कि दिल्ली लुटियन की 123 वीवीआई संपत्ति कांग्रेस सरकार ने जब चुनाव मुहाने पर थे, 25 दिन दूर था तो वक्फ को देने का काम किया। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने उत्तरी रेलवे की भूमि वक्फ के नाम घोषित कर दी। 250 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले 12 गावों पर वक्फ का स्वामित्व हो गया। तमिलनाडु के 1500 पुरानी तिरुचेंदुरई मंदिर की 400 एकड़ संपत्ति को वक्फ की संपत्ति घोषित कर दी गई। कर्नाटक मणिपट्टी समिति की रिपोर्ट कहती है कि 29 हजार एकड़ भूमि वक्फ भी, बिजनेस के उपयोग के लिए किराए पर दे दी गई।

मुसलमानों के फायदे का है बिल

अमित शाह ने आगे कहा कि बेंगलुरू में 602 एकड़ भूमि को जब्त करने से रोकने के लिए न्यायालय को बीच में पड़ना पड़ा। इसके अलावा 500 करोड़ रुपये जिस भूमि की कीमत है, वहां 5 स्टार होटल को महीने का 12 हजार रुपये लेकर किराए पर जमीन दे दी गई है। ये जमीन चोरी के लिए नहीं है। इसे हम रोकेंगे और जो इसके ठेकेदार बैठे हैं, उनको लगता है कि इससे वो जीत जाएंगे। आज देश के कई चर्च और चर्च के समूह वक्फ बिल का समर्थन कर रहे हैं। उनको लगता है कि इसका विरोध करके हम मुस्लिम भाईयों का सिंपथी जीतकर अपना वोटबैंक पक्का करेंगे। क्योंकि 4 साल में मुस्लिम भाईयों को मालूम पड़ जाएगा कि ये कानून उनके ही फायदे का है। ये वही लोग हैं जो अपने-अपने लोकसभा क्षेत्र में चर्चों को नाराज कर रहे हैं।

लालू यादव के बयान को अमित शाह ने किया याद

अमित शाह ने कहा कि वक्फ जो कि मुस्लिम भाईयों की धार्मिक क्रियाकलाप है, उसमें सरकार कोई दखल नहीं करना चाहती है। मुतवल्ली, वाकिफ सब उनका होगा। लेकिन वक्फ की संपत्ति इसका रखरखाव ठीक से हो रहा है या नहीं, ये देखना इस बिल का काम होगा। इतनी भूमि वक्फ के पास है लेकिन इसका रेवेन्यू है मात्र 126 करोड़। लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि सारी जमीनें वक्फ को गईं, चाहे सरकारी हो या गैर सरकारी, पटना में ही डाक बंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सबपर अपार्टमेंट बन गए। इस तरह से काफी लूट खसोट किया गया है। लेकिन मैं चाहता हूं कि भविष्य में आप कड़ा कानून लाइए और चोरी करने वाले लोगों को सजा दी जाए। 

अपनी संपत्ति को वक्फ कर सकते हैं, दूसरों के संपत्ति को नहीं

अमित शाह ने कहा कि वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद का कोई ऑर्डर, हम ऐसा नहीं कर रहे हैं कि कोर्ट नहीं जा सकते हैं। आपने तो कर दिया था कि इसे कोई कोर्ट में चैलेंज ही नहीं कर सकता है। इस देश में संविधान का राज है। 2013 में जिसकी भूमि हड़पी उसके मालिकों को भी कोर्ट से बाहर निकालने का पाप कांग्रेस ने किया है। अगर किसी मंदिर के लिए जमीन खरीदनी है तो जमीन की मालिकी किसकी ये देश में कौन तय करेगा। तो अगर वक्फ की भूमि जो वक्फ कर रहा है, उसकी जमीन वह है या नहीं, इसकी जांच अगर कलेक्टर करे तो इसमें क्या बुराई है। दान अपनी संपत्ति का किया जा सकता है दूसरी की संपत्ति का नहीं। कोई अमेरिका घूमने गया है, कोई कारोबार करने के लिए दिल्ली गया है। पता चला वह गांव वापस आया तो उसकी जमीन को वक्फ की संपत्ति घोषित कर दी गई।

अमित शाह बोले- हम तुष्टिकरण के लिए कानून नहीं लाते

अमित शाह ने कहा कि सैकड़ों साल की प्रैक्टिस, मुगलों के समय के प्रैक्टिस आज घोषित की जा सकती है। अब अगर आपको वक्फ घोषित करना है तो उसे आप ऐसे ही घोषित नहीं कर सकते हैं। वोट बैंक के लिए हम कोई कानून नहीं लाएंगे। कानून लोगों के न्याय और कल्याण के लिए होता है। कांग्रेस वाले कह रहे हैं क्या कानून ला रहे हैं। इसी सदन में नरेंद्र मोदी सरकार महिलाओं के आरक्षण का कानून लेकर आई। इसी सरकार में पिछड़ों को संवैधानिक अधिकार दिया गया। इसी सरकार में बजट में गरीबों को शौचालय, पानी, 5 लाख तक का बीमा, 5 किलो अनाज, बिजली और घर दिए गए। सबसे पहला कनवर्जन कानून ओडिशा और मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार लेकर आई। उस समय कांग्रेस सरकार तुष्टिकरण की राजनीति पर नहीं चलती थी, महात्मा गांधी के विजन पर चलती थी।

अमित शाह बोले- हमने इसपर 16 घंटे से ज्यादा चर्चा की

अमित शाह ने कहा कि लोभ, लालच, भय के जरिए किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकता है। कोई गरीब है, कम पढ़ा लिखा है तो क्या उसका धर्म परिवर्तन करा दोगे। ये सही नहीं है। ये कांग्रेस पार्टी ने कानून लाए थे। 2013 में जो संशोधन बिल लाया गया, जिसके कारण आज ये बिल लाना पड़ा। उसमें कुल मिलाकर दोनों सदनो को मिलाकर 5 घंटे की चर्चा हुई। इस बिल में हमने दोनों सदनों को मिलाकर 16 घंटे से ज्यादा की चर्चा की। इस पूरी प्रक्रिया को आप ऐसे खारिज नहीं कर सकते हैं। आप 5 घंटे चर्चा करते हैं और उसे लोकतांत्रिक बताते हैं और हम 16 घंटे करते हैं तो वो कुछ नहीं। यहां किसी के परिवार की नहीं चलती है। हम जनता के नुमाइंदे हैं। 

वक्फ संशोधन कानून को सभी को मानना ही होगा

उन्होंने कहा कि एक सदस्य द्वारा कहा गया कि यह मिसलीडिंग है। 2013 के कानून में अपील का प्रोविजन था। लेकिन उसमें अपील का प्रावधान उस समय था ही नहीं। सिविल, राजस्व कोर्ट और अन्य प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। ये बताइए जो फैशन है संविधान को लहराने का। कोई फैसला कोर्ट के बाहर कैसे हो सकता है। ये देश की अदालत की पहुंच ही उस फैसले तक नहीं है तो नागरिक अपनी शिकायत लेकर कहां जाएंगे। जिसकी जमीनें हड़प ली गईं, वो कहां जाएगा। हम इसे खारिज कर रहे हैं। ऐसा नहीं चलेगा। अदालत में जाइए शिकायत लेकर, अदालत न्याय करेगी। अदालतें इसीलिए बनी हैं। आप कहते हैं कि माइनॉरिटी इस कानून को स्वीकार नहीं करेगी। धमकी दे रहे हैं। यह संसद का कानून है इसे सबको स्वीकार करना होगा। ये कानून भारत सरकार का है। हर एक पर यह लागू है और सबको इसे स्वीकार करना ही होगा।

2013 के कानून के बाद दोगुनी से ज्यादा हो गई वक्फ की प्रॉपर्टी

उन्होंने कहा कि 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड की कुल भूमि 18 लाख एकड़ थी और 2013 से 2025 तक और नई 21 लाख एकड़ भूमि मिली हैं। यानी ये जो 39 लाख एकड़ भूमि है। ये 2013 के बाद जो कानून लाया गया उसका परिणाम है। ये बिल जमीनों को सुरक्षा प्रदान करेगी। किसी की जमीन अब घोषणा मात्र से वक्फ नहीं बनेगी। उसे सुरक्षा देने का हम काम कर रहे हैं। निजी संपत्ति जो आम नागरिकों की है वो भी सुरक्षित हो जाएगा और वक्फ करने के लिए स्वामित्व का ध्यान रखा जाएगा। यानी वक्फ में निजी संपत्ति को ही दान किया जा सकेगा ना कि गांव की संपत्ति को। साथ ही पारदर्शी तरीके से इसका रजिस्ट्रेशन भी करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि का मंदिर बनाने की आई, तो इस देश में खून की नदियां बह जाएंगी, सीएए आया फिर से डर कि मुसलमानों की नागरिकता छिन जाएगी। मैं आपके माध्यम से देश के मुसलमानों को अपील करना चाहता हूं। मैंने बहुत झेला है। 2 साल हो गए एक भी मुसलमान की नागरिकता नहीं है। केवल इन्होंने झूठ फैलाया है। 

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