बजट 2026: 'लोकलुभावन' वादों से दूर 'लोक' कल्याण पर केंद्रित बजट, जानें क्या खास रहा?
निर्मला सीतारमण ने 85 मिनट लंबा भाषण पूरी शांति और सादगी के साथ पेश किया। यह पहला बजट था जिसे नवनिर्मित कर्तव्य भवन में तैयार किया गया।

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। नौवें बजट का भाषण भाषण 'लोकलुभावन के ऊपर लोक' के मंत्र के साथ शुरू हुआ, जो किसी अलंकरण या आख्यान से मुक्त घोषणाओं पर केंद्रित रहा। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए सत्ता पाने की दृष्टि से कम दो राज्यों में प्रस्तावित चुनावों को देखते हुए लोकलुभावन घोषणाओं की अपेक्षा की जा रही थी लेकिन सीतारमण ने 85 मिनट लंबा भाषण पूरी शांति के साथ पेश किया।
बजट की 10 खास बातें
- निर्मला सीतारमण ने इस बजट को एक नए मंत्र के साथ पेश किया। उन्होंने इस बजट को 'लोकलुभावन के ऊपर लोक' (People over Populism) के मंत्र के साथ पेश किया।
- बजट में युवा शक्ति पर जोर दिया गया। बजट के प्रस्ताव 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' के नवोन्मेषी विचारों से प्रेरित हैं, जो इसे एक युवा-केंद्रित बजट बनाते हैं।
- निर्मला सीतारमण का भाषण सादगी से भरा रहा। 85 मिनट के इस भाषण में किसी भी प्रकार के काव्य संदर्भों, अलंकरणों या तमिल उद्धरणों का प्रयोग नहीं किया गया।
- आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर वित्त मंत्री ने तमिलनाडु की पारंपरिक कांचीवरम रेशमी साड़ी पहनी थी, जो भाषण का एकमात्र राजनीतिक संकेत माना गया।
- यह पहला बजट है जिसे नॉर्थ ब्लॉक के बजाय नवनिर्मित 'कर्तव्य भवन' में तैयार किया गया है।
- कर्तव्य भवन से प्रेरित होकर बजट में तीन लक्ष्यों पर ध्यान दिया गया:1.आर्थिक वृद्धि को तेज और टिकाऊ बनाना। 2. आकांक्षाओं को पूरा करना और 3. क्षमता निर्माण और 'सबका साथ, सबका विकास' का कार्यान्वयन।
- सरकार ने अनिश्चितता पर ठोस कार्रवाई और लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय ठोस सुधारों को प्राथमिकता दी है।
- मोदी सरकार का मुख्य संकल्प गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान पर केंद्रित रहा।
- 'ईमानदार टैक्सपेयर्स' के लिए नियमों को सरल बनाया गया है, जिससे वे दंड के बजाय अतिरिक्त राशि देकर पुराने मामलों को बंद कर सकेंगे।
- भाषण का अंत किसी कविता के बजाय 'जीवन यापन की सुविधा' (Ease of Living) के मुद्दे और 'जय हिंद' के उद्घोष के साथ हुआ।