दरख्शां अंद्राबी, अनिका नजीर और जसिया अख्तर, INDIA TV के SHE कॉन्क्लेव में तीन दिग्गज महिलाएं, जानिए क्या बोलीं
इंडिया टीवी के SHE कॉन्क्लेव में अपने-अपने क्षेत्र की दिग्गज महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इस दौरान डॉक्टर सैयद दरख्शां अंद्राबी, अनिका नजीर और महिला क्रिकेट टीम की कैप्टन जसिया अख्तर SHE कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया।
India TV की ओर से SHE कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉक्टर सैयद दरख्शां अंद्राबी, चेयरपर्सन J&K वक्फ बोर्ड, अनिका नजीर कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोफेशनल एवं रिसर्चर और जसिया अख्तर, जम्मू-कश्मीर महिला क्रिकेट टीम की कैप्टन शामिल हुईं। अपने-अपने फील्ड की दिग्गज इन तीनों महिलाओं ने इंडिया टीवी के सवालों के जवाब दिए।
बदल गए अब कश्मीर के हालात- सैयद दरख्शां अंद्राबी
इंडिया टीवी के SHE कॉन्क्लेव में बोलते हुए डॉक्टर सैयद दरख्शां अंद्राबी ने कहा कि कश्मीर के हालात अब बहुत बदल गए हैं। जब उन्होंने कश्मीर में पढ़ाई की और राजनीति में कदम रखा था, तब हालात बहुत खराब थे। घाटी में अब महिलाओं के लिए हालात बहुत अच्छे हैं। अब स्कूल और कॉलेज जाना बहुत आसान है।
जब चार बंदूकधारियों ने किया पीछा- जसिया अख्तर
जम्मू-कश्मीर महिला क्रिकेट टीम की कैप्टन जसिया अख्तर ने SHE कॉन्क्लेव में बोलते हुए कहा कि उनकी भी जर्नी बहुत संकट भरी रही है। उन्होंने साल 2006 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार चार बंदूकधारियों ने उनका पीछा किया था। उनके पिता से बंदूकधारियों ने कहा था कि जसिया को मैं यहीं खत्म कर दूंगा।
2012 में छोड़ दिया था कश्मीर से खेलना
जसिया ने कहा कि तब से लेकर अब तक कश्मीर के हालात बहुत बदल गए हैं। मैंने तब ही ठान लिया था कि मुझे आगे बढ़ना है। इसलिए मैं आज क्रिकेट में हूं और अपना सपना पूरा कर रही हूं। जसिया ने कहा कि उन्होंने 2012 में कश्मीर छोड़ दिया था। अन्य राज्यों से महिला क्रिकेट खेला।
डटकर हर मुश्किलों का सामना करती थी- अनिका नजीर
अनिका नजीर, कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोफेशनल एवं रिसर्चर ने इंडिया टीवी के SHE कॉन्क्लेव में बताया कि वह जब हाई स्कूल में थी तब बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियाना शुरू हुआ। इसका उन्हें बहुत फायदा मिला। उन्होंने कहा कि उनकी कम्यूनिटी में लड़कियों की 17-18 साल की उम्र में सगाई और शादी हो जाती है। नजीर ने आगे कहा कि लोग उनसे पूछते थे कि तुम ऐसा काम करती हो कहीं कोई तुम्हें गोली न मार दे। वह इन सब चीजों से नहीं डरती थी और डटकर हर मुश्किलों का सामना करती थी।
लोग सोचते थे कि ये तो एक दिन मरेगी- सैयद दरख्शां अंद्राबी
सैयद दरख्शां अंद्राबी, चेयरपर्सन J&K वक्फ बोर्ड ने कहा कि कोई भी सफर इतना आसान नहीं होता है। हर मोड़ पर मुश्किलें आती हैं। जब घर वाले भी साथ नहीं होते हैं। तो खुद को एक प्लेटफॉर्म बनाना होता है। तब हमारा सिर्फ एक दर्द था कि खून खराबा क्यों हो रहा है? राज्य के सभी पॉलिटीशिएन उस टाइम सवाल खड़े कर रहे थे। हमें पॉलिटिकल पार्टियां अजीब नजरों से देखते थे। लोग भी सोचते थे कि ये तो एक दिन मरेगी हम क्योंं इसके साथ चलें।
बहुत खुशी की बात कि वह पीएम मोदी की पार्टी भाजपा से जुड़ीं
अंद्राबी ने कहा कि आज बहुत खुशी की बात है कि वह एक ऐसी पार्टी से जुड़ी हैं, जो देश की सुरक्षा और महिलाओं के मुद्दों को सबसे आगे रखती है। वह पीएम मोदी की पार्टी भाजपा से जुड़ीं हैं और महिलाओं के लिए J&K वक्फ बोर्ड के लिए भी काम कर रही हैं।
आज कश्मीर की बेटियां उनके पास आती हैं क्रिकेट के लिए
जसिया अख्तर ने इंडिया टीवी के SHE कॉन्क्लेव में कहा कि आज मुझे देखते हुए कश्मीर की अन्य लड़कियां और बच्चियां बोलती हैं कि मुझे भी क्रिकेट खेलना है। लड़कियों के परिवारवाले उनके पास आते हैं कि इसको गाइड कर दो क्रिकेट खेलने के लिए। ये सब घाटी में बदलाव हो रहा है, इसे देखकर अच्छा लगता है।
