नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पद्दुचेरी के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही इन प्रदेशों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयोग जैसे ही किसी राज्य में विधानसभा चुनाव का ऐलान करता है उसके साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो जाती है। आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार किसी जनकल्याणकारी योजना को लागू नहीं कर सकती। राज्य में काम करनेवाले अधिकारियों को कोई निर्देश नहीं दे सकती। आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार के सभी अधिकारी चुनाव आयोग के अधीन आ जाते हैं और उसी के आदेश पर काम करते हैं।
सरकारें क्या कर सकती हैं?
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार अपने नियमित प्रशासनिक कार्य कर सकती है। सरकार अपने वे रूटीन कार्य कर सकती है जो चुनाव को प्रभावित नहीं करते हैं। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत कार्य और वित्तीय सहायता प्रदान कर सकती है लेकिन इसके लिए चुनाव आयोग से मंजूरी लेना जरूरी हो जाता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकारें क्या नहीं कर सकती हैे?
राज्य सरकार किसी भी नई योजना, वित्तीय लाभ या उद्धाटन की घोषणा नहीं कर पाती है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और तैनाती का सीधा कंट्रोल चुनाव आयोग के पास चला जाता है। इनके ट्रांसफर पर रोक लग जाती है। अगर बहुत जरूरी हुआ तो तबादलों के लिए चुनाव आयोग की इजाजत जरूरी है। इसके साथ ही सरकारी खर्च पर होने वाले विज्ञापनों और होर्डिंग्स को तुरंत हटा दिया जाता है। चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहनों, विमानों और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाता है।
Latest India News