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Hindi News भारत राष्ट्रीय मैक्रों ने PM मोदी के साथ शेयर की AI वाली फोटो, कैप्शन में लिखी दिल को छूने वाली बात

मैक्रों ने PM मोदी के साथ शेयर की AI वाली फोटो, कैप्शन में लिखी दिल को छूने वाली बात

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ AI-जनरेटेड तस्वीर साझा की। मैक्रों ने यह पोस्ट इंडिया एआई इ्म्पैक्ट समिट में शामिल होने से ठीक पहले शेयर की है।

Emmanuel Macron AI photo, Narendra Modi Macron AI image, India AI Impact Summit 2026- India TV Hindi Image Source : X.COM/EMMANUELMACRON फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने PM मोदी के साथ यह तस्वीर शेयर की है।

नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और अपने देश के बीच बेहतरीन रिश्ते को दिखाते हुए बुधवार को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी एक AI-जनरेटेड इमेज शेयर की। उन्होंने यह तस्वीर AI इंपैक्ट समिट 2026 से पहले शेयर की गई है, जिसमें दोनों नेता अपने हाथों से दिल का प्रतीक बना रहे हैं। मैक्रों ने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'जब दोस्त जुड़ते हैं, तो इनोवेशन होता है। AI इंपैक्ट समिट के लिए तैयार!' मैक्रों द्वारा शेयर की गई तस्वीर पर लिखा था 'Yes, this is AI'। इस क्रिएटिव पोस्ट ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है।

ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा AI सम्मेलन

बता दें कि AI इंपैक्ट समिट 2026 16 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ था और 20 फरवरी तक चलेगा। यह ग्लोबल साउथ में पहली बार आयोजित होने वाला बड़ा AI सम्मेलन है। इसमें 20 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से अधिक AI लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं। समिट के 3 मुख्य आधार हैं, People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति)। PM मोदी 19 फरवरी को समिट के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और दुनिया के बड़े उद्योगपति भी उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे।

'AI को लेकर हमारा और भारत का उद्देश्य एक'

बता दें कि मैक्रों ने AIIMS दिल्ली में इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ (IF-CAIH) का उद्घाटन किया। यह सेंटर AIIMS, सोर्बोन यूनिवर्सिटी और पेरिस ब्रेन इंस्टीट्यूट के बीच MoU पर आधारित है। इसमें IIT दिल्ली और अन्य संस्थान भी शामिल हैं। यह केंद्र AI से हेल्थकेयर में रिसर्च, एजुकेशन और क्लिनिकल इनोवेशन को बढ़ावा देगा। मैक्रों ने इस मौके पर कहा, 'मुझे लगता है कि यह इनोवेशन हमारे देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। मुझे विश्वास है कि भारत और फ्रांस में, और यूरोप में, हमारा एक ही उद्देश्य है, हम अमेरिकी और चीनी मॉडल्स पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहते।'

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