A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. हरिद्वार में शहर से बाहर जाएंगी मीट की दुकानें, व्यापारियों ने कहा- 'श्मशान के पास दी जगह'

हरिद्वार में शहर से बाहर जाएंगी मीट की दुकानें, व्यापारियों ने कहा- 'श्मशान के पास दी जगह'

हरिद्वार में नगर निगम ने मीट दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का फैसला लिया है। प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों को देखते हुए यह कदम उठाया है। वहीं, व्यापारियों ने नई जगह की दूरी, गंदगी और इसके श्मशान के पास होने को लेकर विरोध जताया है।

Haridwar meat shops relocation, Uttarakhand municipal decision, Haridwar civic rules- India TV Hindi
Image Source : ANI हरिद्वार नगर निगम के फैसले का मीट व्यापारियों ने विरोध किया है।

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में नगर निगम ने ज्वालापुर इलाके की मीट दुकानों को नगर सीमा से बाहर शिफ्ट करने का फैसला लिया है। यह निर्णय नगर निगम की बोर्ड बैठक में लिया गया, जिसमें कच्चे मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। योजना के तहत सराय क्षेत्र में करीब 56 नई दुकानें बनाई जाएंगी, जहां सभी मीट विक्रेताओं को शिफ्ट किया जाएगा। यह फैसला हरिद्वार में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों, जैसे कुंभ मेला और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

'सभी दुकानों को बाहर शिफ्ट किया जाएगा'

नगर निगम आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि बोर्ड ने नगर क्षेत्र में कच्चे मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पुराने उपनियम में संशोधन किया गया है और नए नियम लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले ज्वालापुर जैसे कुछ इलाकों में यह प्रतिबंध नहीं था, लेकिन अब इसे पूरे नगर क्षेत्र में लागू कर दिया गया है और सभी दुकानों को बाहर शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, कई वर्षों से कारोबार कर रहे मीट व्यापारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।

'नई जगह पर साफ-सफाई ठीक नहीं'

मीट व्यापारियों का कहना है कि नया स्थान शहर से काफी दूर है और वहां साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नई जगह के पास श्मशान घाट है, जिससे कारोबार प्रभावित होगा। एक दुकानदार ने कहा कि ग्राहकों को वहां तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा, और ट्रैफिक की वजह से रिक्शा चालक भी जाने से मना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 'श्मशान घाट के पास इस तरह का व्यापार नहीं चलता' और इस संबंध में उन्होंने डीएम को भी आवेदन दिया है।

'अपने ही नियम नहीं मान रहा नगर निगम'

एक अन्य दुकानदार ने भी इसी तरह की चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नगर निगम का नियम यह कहता है कि मीट की दुकानें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और श्मशान से दूर होनी चाहिए, लेकिन नई जगह के पास श्मशान की दीवार है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अपने ही नियमों का पालन नहीं कर रहा है। व्यापारियों ने यह भी मांग की कि अलग-अलग तरह के मांस के लिए बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उनका कारोबार प्रभावित न हो।

Latest India News