A
Hindi News भारत राष्ट्रीय दुनिया के 50 देशों के सामने बजा भारत का डंका, जानें पीएम मोदी ने ऐसा क्या कह दिया?

दुनिया के 50 देशों के सामने बजा भारत का डंका, जानें पीएम मोदी ने ऐसा क्या कह दिया?

PM Modi Said in Goa, World Returning to Ayurveda: गोवा में संपन्न हुए 9वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस सम्मेलन में दुनिया के 50 देशों के सामने भारत ने अपनी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों का लोहा मनवाया है।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (फाइल फोटो)- India TV Hindi Image Source : PTI नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (फाइल फोटो)

PM Modi Said in Goa, World Returning to Ayurveda: गोवा में संपन्न हुए 9वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस सम्मेलन में दुनिया के 50 देशों के सामने भारत ने अपनी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों का लोहा मनवाया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को गोवा स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान का गोवा से डिजिटल तरीके से उद्घाटन किया। उन्होंने कहाकि दुनिया ने विभिन्न उपचार शैलियों को आजमाया है और वह आयुर्वेद की प्राचीन पद्धति की ओर लौट रही है। प्रधानमंत्री का यह संदेश इस ओर संकेत कर रहा था कि आज दुनिया को भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयु्र्वेद पर भरोसा हो रहा है और इस ओर लौटना ही एकमात्र विकल्प है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने इस दौरान पूरी दुनिया को यह भी एहसास करा दिया कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति ही दुनिया का भविष्य है।

आपको बता दें कि पीएम मोदी नौवें विश्व आयुर्वेद सम्मेलन (डब्ल्यूएसी) और ‘आरोग्य एक्सपो’ के समापन सत्र को संबोधित करने के लिए आज दोपहर गोवा पहुंचे थे। आयुर्वेद सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पीएम ने कहा कि दुनिया इलाज के कई तरीके आजमा चुकी है और अब आयुर्वेद की प्राचीन पद्धति की ओर लौट रही है। आयुर्वेद न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि समग्र स्वास्थ्य के बारे में बात करता है।’’ प्रधानमंत्री ने इस बात को लेकर खुशी व्यक्त की कि 30 से अधिक देशों ने आयुर्वेद को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के रूप में स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे और देशों में फैलाना चाहिए और आयुर्वेद को मान्यता देनी चाहिए।

डेढ़ लाख करोड़ तक पहुंचा आयुर्वेद का कारोबार
पीएम मोदी ने कहा कि आयुष उद्योग आठ साल पहले (2014 में जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला था) 20,000 करोड़ रुपये तक हुआ करता था। अब यह बढ़कर 1.50 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहाकि वैश्विक बाजार आगे बढ़ रहा है और हमें औषधीय पौधे लगाकर लाभ उठाने का प्रयास करना चाहिए। इससे और अधिक रोजगार का सृजन होगा। मोदी ने कहा, ‘‘आधुनिक विज्ञान और उपचार साक्ष्य-आधारित डाटाबेस पर निर्भर करते हैं। आयुर्वेद क्षेत्रों को इस तरह का एक डाटाबेस तैयार करने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार के आयुष पोर्टल पर पहले से ही लगभग 40,000 शोध अध्ययन अपलोड किये जा चुके हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान, मंत्रालय को कम से कम 150 विशिष्ट शोध अध्ययन प्रस्तुत किए गए थे।

प्रधानमंत्री ने कहा देश को जल्द मिलेगा राष्ट्रीय आयुष अनुसंधान संघ का तोहफा
पीएम मोदी ने गोवा में दुनिया के 50 देशों के सामने घोषणा की कि देश में जल्द ही एक राष्ट्रीय आयुष अनुसंधान संघ की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोवा जैसे राज्य में आयुर्वेद और योग पर्यटन संभव है और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का उद्घाटन उस दिशा में आगे बढ़ाया गया एक कदम हो सकता है। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी और गतिशील नेतृत्व ने आयुर्वेद क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लेकर आये हैं और भारत और विदेशों से सकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण डब्ल्यूएसी को बड़ी सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा के लिए वैश्विक केंद्र गुजरात में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘आयुष का अमृत महोत्सव’ होगा।’’ गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि धारगल स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में गोवा के लोगों के लिए सीटों में 50 प्रतिशत आरक्षण होगा। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय एक ही दिन में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू कर रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गोवा में आयुष का एक अलग विभाग होगा, जो आयुष चिकित्सकों को समर्पित होगा।

Latest India News