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Hindi News भारत राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर डॉ मीनाक्षी वर्मा ने की इंडिया टीवी से खास बात, प्रेरित करेगी उनकी कहानी

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर डॉ मीनाक्षी वर्मा ने की इंडिया टीवी से खास बात, प्रेरित करेगी उनकी कहानी

यूपी जीएसटी डिपार्टमेंट में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर सेवाएं दे रहीं डॉ मीनाक्षी वर्मा ने इंडिया टीवी से खास बात की और अपनी सफलता की कहानी के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि लाइफ में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करें।

नोएडा: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इंडिया टीवी ने एक ऐसी शख्सियत से बात की है, जो बहुत सारी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इनका नाम डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा है, जो यूपी जीएसटी डिपार्टमेंट में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर काम कर रही हैं। उनके बारे में दिलचस्प बात ये भी है कि उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई भी की है।

डॉक्टर मीनाक्षी इस समय इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि उन्हें इस साल शक्ति 2026 वूमेन अचीवर्स अवॉर्ड मिला है। इंडिया टीवी ने उनसे तमाम मुद्दों पर बात की, जिनका उन्होंने खुलकर जवाब दिया।

फैमिली के सपोर्ट की वजह से मिली सफलता

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया, "मुझे मेरे परिवार का काफी सपोर्ट मिला है। मेरे पिता को मैं खास महत्व दूंगी क्योंकि उन्होंने बचपन से ही हमारी एजुकेशन पर बहुत फोकस किया। बचपन से ही मेरा सपना था कि मुझे लोगों की सेवा करना है। मुझे लगा कि अगर मैं डॉक्टर बन जाऊं तो शायद लोगों तक अपनी सेवा पहुंचा पाऊं। इसलिए मैं हमेशा पापा को कहता थी कि मुझे डॉक्टर बनना है। मेरे पिता ने बेटी होने की वजह से मेरे साथ कोई भेदभाव नहीं किया। मेरी शिक्षा भी मेरे भाईयों जैसी ही हुई।" 

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया, "अगर फैमिली सपोर्ट होता है तो पहली जंग आप वहीं जीत जाते हैं। 12वीं के बाद मैंने CPMT का एग्जाम क्लीयर किया और मुझे बीडीएस ब्रांच मिली। फिर मैंने ऋषिकेश से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। इसी दौरान मेरे भाई का यूपीएससी क्लीयर हुआ, जिन्हें आईएएस में अच्छी रैंक मिली। इसके बाद मुझे समझ आया कि डॉक्टरी करके मैं सिर्फ एक क्षेत्र में सेवा दे सकूंगीं लेकिन यूपीएससी के जरिए ज्यादा लोगों तक सेवाएं पहुंचा पाऊंगी। मुझे मेरे भाई से इस एग्जाम को क्लीयर करने में बहुत गाइडेंस मिली।"

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया, "2017 में पहली बार मैंने ये एग्जाम क्लीयर किया। जिसमें मुझे कमर्शियल टैक्स ऑफिसर की पोस्ट मिली। इसके बाद मैं रुकी नहीं और मैं खुद की रैंक को बेहतर करने की कोशिश में लग गई। 2019 में मैंने फिर से यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन का एग्जाम क्लीयर किया, जिसमें मुझे असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट एम्पलॉयमेंट ऑफिसर की पोस्ट मिली थी। इसके बाद भी मैं नहीं रुकी और 2023 में मैंने अपना आखिरी अटेंप्ट दिया लेकिन मुझे IAS नहीं मिला। लेकिन मैंने यूपी सरकार में कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट ज्वाइन किया और बहुत खुश हूं।"

एग्जाम की चुनौतियों को लेकर क्या कहा?

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया, "सिविल सर्विस की तैयारी खुद में इतनी कठिन है, जिसके लिए आपको अंदर से मोटिवेट होना पड़ता है। मेरा ये निश्चय था कि मुझे आगे बढ़ना है, पीछे नहीं जाना है। मेरे दिमाग में कभी एग्जाम की तैयारी छोड़ने का ख्याल नहीं आया। हमेशा बेहतर करने के बारे में सोचा। मेरे पिता और माता ने बहुत साथ दिया। उन्होंने समझाया कि अपना बेस्ट दो, ये सिर्फ एक एग्जाम है, जीवन नहीं है। हम साथ में डिसकस करते थे। लो मूवमेंट बहुत कॉमन होता है इस तैयारी में। मैंने ये सीखा कि जो कमी हैं, उन्हें दूर करते रहो और आगे बढ़ते रहो।"

सिविल सर्विस में जाने का ही क्यों सोचा?

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया, "सिविल सर्विस में जाने की एक वजह ये भी है कि मुझे उदाहरण सेट करना था। क्योंकि लोग सोचते हैं कि महिलाएं ये सब नहीं कर सकती हैं। मेरे अंदर से ये आवाज आई कि अगर मैं ये कर लेती हूं तो मैं अन्य लड़कियों को भी मोटिवेट कर पाऊंगी।"

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया, "मैंने बहुत सी महिला अधिकारियों को देखा तो सोचा कि एक दिन मैं भी वैसी ही बनूंगी। मैं भी महिलाओं को मोटिवेट करना चाहती थी कि इस समाज में आप अपनी पहचान बना सकती हो।"

बहुत सारी महिलाओं से प्रेरणा मिली

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि उनके जीवन में कई महिलाओं से उन्हें प्रेरणा मिली है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाएं रही हैं। ये मेडिकल से भी हैं और पॉलिटिक्स से भी हैं। उन्होंने बताया कि वह पहली महिला राष्ट्रपति और दिल्ली की सीएम से भी मोटिवेट हुई हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उनके डिपार्टमेंट में भी कई उच्च अधिकारी हैं, जो महिलाएं हैं और प्रेरणा स्त्रोत हैं। हर महिला आपको कुछ न कुछ करने के लिए प्रेरित करती है।

जॉब की चुनौती को लेकर क्या कहा?

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि जब आप किसी सरकारी पद पर बैठते हैं तो आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होती है। आपको अपनी कुर्सी को ऐसा बनाना है कि आपका भी नुकसान ना हो और सामने वाले का भी नुकसान ना हो। मेरी कोशिश ये रहती है कि किसी एक को भी अन्याय का सामना नहीं करना पड़े। मेरे लिए ये चैलेंज आज भी है कि किसी भी टैक्स पेयर को अनावश्यक रूप से परेशान ना किया जाए। 

अपने डिपार्टमेंट को लेकर मीनाक्षी ने कहा कि यहां का माहौल बहुत अच्छा है और ये महिलाओं के लिए बहुत फ्रेंडली डिपार्टमेंट है। सभी एक दूसरे की मदद करते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि कंसिस्टेंसी, डिसिप्लीन, इंटीग्रिटी और परसीवरेंस की आदत से उन्हें सफलता मिली है।

प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ का बैलेंस कैसे बिठाया जाए?

प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस को लेकर डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि महिलाओं के लिए ये चुनौती तो 100 फीसदी है। आपको घर भी देखना है और ऑफिस भी देखना है। सबसे बड़ी बात ये है कि आपको खुद को भी देखना है। आपकी हेल्थ आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपको बैलेंस बनाकर चलना चाहिए। अगर आप खुद का ध्यान नहीं रखेंगे तो आपकी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ असंतुलित हो जाएगी। जितना टाइम आपको ऑफिस में देना चाहिए, उतना दें, उसके बाद घर और फैमिली को भी टाइम दें। महिलाओं को अपने लिए भी टाइम निकालना चाहिए।

महिलाओं के लिए फाइनेंशियल फ्रीडम कितना जरूरी?

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि महिलाओं के लिए ये बहुत जरूरी है कि वो फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट हों। पहले महिलाएं जुल्म सहती थीं क्योंकि वह फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट नहीं थीं। उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अपने हसबैंड या फैमिली मेंबर से पैसे मांगने पड़ते थे। उनसे हिसाब मांगा जाता था। लेकिन आज जब से महिलाओं ने कमाना शुरू किया है, महिलाएं फाइनेंशियल तौर पर इंडिपेंडेंट हुई हैं और आज वह अपने लिए कुछ भी खरीद सकती हैं, कुछ भी खा सकती हैं, उनको अब ये कोई नहीं बोलेगा कि तुमको नहीं पता कि ये पैसा कैसे कमाया जाता है। आज की तारीख में महिला के लिए अगर सबसे बड़ी फ्रीडम है तो वो है फाइनेंशियल फ्रीडम। मुझे लगता है कि हर महिला को फाइनेंसिशल फ्रीडम होना चाहिए।

सोशल मीडिया पर पहले और आज की महिलाओं की तुलना पर क्या बोलीं?

मीनाक्षी ने कहा कि पहले की महिलाओं का अचीवमेंट भी बहुत है। तब वह केवल घर संभालती थीं। समय के साथ अब महिलाएं घर भी संभाल सकती हैं और बाहर भी संभाल सकती हैं। महिलाएं इसके बावजूद शिकायत नहीं करतीं बल्कि मुस्कुराती हैं। आज वो हर तरीके से सक्षम हैं। किसी महिला को पंख फैलाने के लिए किसी की परमिशन की जरूरत नहीं है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर लड़कियों को क्या संदेश दिया?

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मीनाक्षी ने लड़कियों को संदेश देते हुए कहा, "सफलता से डरिए मत। बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता है। सफलता के लिए शॉर्टकट मत ढूंढिए। आप एक ऐसा काम करिए, जिससे आप आगे चलकर दूसरों को प्रेरणा दे सकें। दूसरा प्वाइंट ये है कि आप किसी से मत डरिए। आप पुरुषों से कम नहीं हैं। तीसरा प्वाइंट ये है कि रुकिए मत, बस आगे चलते रहिए। अपने परिवार और देश का नाम रोशन करते रहिए।"

डॉक्टर मीनाक्षी वर्मा से जब पूछा गया कि वह देश में महिलाओं के लिए क्या बदलाव करना चाहेंगी तो उन्होंने कहा कि महिलाओं को फ्रीडम ऑफ मूवमेंट होनी चाहिए। आज भी महिलाएं जब घर से बाहर जाती हैं तो सेफ फील नहीं करती। अगर वो लेट नाइट जा रही हैं तो या तो वह अपने हसबैंड के साथ जाएंगी या भाई के साथ जाएंगी। उन्हें एक ऐसा समाज मिलना चाहिए, जहां वे सेफ फील करें और बिना डरे अपनी बात कह सकें। 

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