नई दिल्ली: भारतीय सेना की स्काई डाइविंग टीम की एक महिला सैनिक ने शुक्रवार को नया इतिहास रच दिया। इंडियन आर्मी की महिला सैनिक लांस नायक मंजू ने असम के मिसामारी के पास ड्रॉपज़ोन में 10,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। वह इंडियन आर्मी की पहली महिला स्काई डाइवर बन गई हैं। लांस नायक मंजू की यह खास उपलब्धि भारतीय सेना को जॉइन करने का सपना देख रही लड़कियों को निश्चित तौर पर प्रेरित करेगी।
‘मेहनत करने पर सपने जरूर पूरे होते हैं’
'यदि कोई किसी चीज को बहुत शिद्दत से चाहता है और इसके लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार है, और इसके लिए पूरी कोशिश करता है तो वह जरूर सफल होगा। उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने सपनों को कितनी शिद्दत से हकीकत में बदलना चाहता है। मैं नई महिला रिक्रूट्स और भविष्य के मिलिट्री इंस्ट्रक्टर्स को अपने काम में सफल होने और हमारे देश की सर्वोत्तम तरीके से सेवा करने की शुभकामना देती हूं।' लांस नायक मंजू ने 14 दिसंबर 2019 को इंडियन आर्मी जॉइन की थी।
Image Source : India TVलांस नायक मंजू की कामयाबी कई लड़कियों को प्रेरित करेगी।
हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली हैं मंजू
मंजू को उनके साथी सैनिक एक ऐसी 'पूर्ण योद्धा' बताते हैं जो अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहती हैं। मंजू के पिता एक किसान हैं और उनका जन्म और पालन-पोषण हरियाणा के जींद जिले में आने वाले नरवाना के धमटन साहिब में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा धमटन साहिब में पूरी की और उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए बैंगलोर का रुख किया था। मिलिटरी पुलिस के सिपाही के रूप में उनकी ट्रेनिंग 15 जनवरी 2019 को उस वक्त शुरू हुई जब वह भारतीय सेना की 51 सब एरिया प्रोवोस्ट यूनिट में L/Nk (WMP) के रूप में शामिल हुईं।
Image Source : India TVखास उपलब्धि अपने नाम करने के बाद लांस नायक मंजू।
61 हफ्ते की ट्रेनिंग के बाद असम में हुई थी तैनाती
बेंगलुरू के सीएमपी सेंटर ऐंड स्कूल में 61 हफ्ते की ट्रेनिंग के बाद मंजू को असम में तैनात किया गया। वहां उन्होंने एक सैन्य पुलिस (MP) के रूप में अपनी ड्यूटी शुरू की थी। उनका पहला कार्यभार गोलपारा में था जहां उन्हें सैन्य इकाइयों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने का काम सौंपा गया था।
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