A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. मनसा देवी से पहले इन धार्मिक आयोजनों में मची भगदड़, 5 साल में 10 बड़े हादसे, 214 मौतें

मनसा देवी से पहले इन धार्मिक आयोजनों में मची भगदड़, 5 साल में 10 बड़े हादसे, 214 मौतें

मनसा देवी में हुई भगदड़ में छह लोगों की मौत हुई। वहीं, 25-30 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले भी मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में अलग-अलग कारणों से भगदड़ मचती रही है, जिसमें कई श्रद्धालुओं की जान गई है।

Mansa Devi- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT मनसा देवी में भगदड़

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भगदड़ मच गई। इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 25-30 लोग घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार मंदिर के पास कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी कि तार से करंट आ रहा है। इसी वजह से भगदड़ मच गई। मंदिर में खासी भीड़ थी और पैर रखने तक की जगह नहीं थी। ऐसे में लोग एक-दूसरे के ऊपर से गुजर गए। इसी वजह से छह लोगों की मौत हुई है। 

यह पहला मौका नहीं है, जब किसी मंदिर या धार्मिक आयोजन में भगदड़ मची है। पिछले पांच साल में धार्मिक स्थानों पर भगदड़ की 10 बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 

पिछले पांच साल में मंदिर में हुए हादसे

1 जनवरी 2022: नव वर्ष के अवसर पर माता वैष्णो देवी मंदिर में भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। संकीर्ण प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से यह हादसा हुआ। 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जन से ज्यादा घायल हुए।

20 अगस्त 2022: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव के दौरान मंदिर में भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई और सात घायल हुए।

31 मार्च 2023: मध्य प्रदेश के इंदौर में राम नवमी के अवसर पर एक मंदिर में हवन के दौरान प्राचीन बावड़ी (कुएं) के ऊपर बनी स्लैब ढह गई, जिसके कारण भगदड़ मच गई। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई।

24 दिसंबर 2023: उत्तर प्रदेश के मथुरा में बांके बिहारी मंदिर में अत्यधिक भीड़ के कारण दम घुटने से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई। इस घटना में 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई।

17 मार्च 2024: मथुरा के श्रीजी मंदिर में होली से पहले एक धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ मच गई। भगदड़ में कम से कम 6 श्रद्धालु बेहोश हुए। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई।

25 मार्च 2024: केरल के कोल्लम में कोट्टनकुलंगारा मंदिर में आयोजित एक धार्मिक समारोह के दौरान भगदड़ मच गई। इसमें पांच साल की एक लड़की की मौत हो गई।

2 जुलाई 2024: उत्तर प्रदेश के हाथरस में स्वयंभू संत भोले बाबा (नारायण साकार हरि) के सत्संग में भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। आयोजकों को 5,000 लोगों के लिए अनुमति थी, लेकिन 15,000 से अधिक लोग जमा हुए। गर्मी और उमस के कारण लोग बाहर निकलने की कोशिश में थे, जिससे भगदड़ शुरू हुई। 121 लोगों की मौत हो गई। इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल थे। सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

12 अगस्त 2024: बिहार के बनावर हिलॉक में बाबा सिद्धनाथ मंदिर में सावन माह के चौथे सोमवार को पूजा के दौरान भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई और 10 लोग घायल हुए।

29 जनवरी 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान भगदड़ मच गई। मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम क्षेत्र में पवित्र स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हुई, जिसके कारण भगदड़ मच गई। भीड़ प्रबंधन की कमी और वीआईपी प्रोटोकॉल के कारण स्थिति और बिगड़ गई। इस हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई और 60 लोग घायल हुए।

29 जून 2025: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान नंदीघोष रथ के पास भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। इससे तीन लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए।

Latest India News