भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने राज्य में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने करीब 800 सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को दोबारा स्पेशल पुलिस ऑफिसर यानी एसपीओ के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति पूरी तरह से संविदा आधार पर होगी और इसकी अवधि एक साल की होगी।
क्या है ये फैसला?
इस फैसले के तहत पुलिस विभाग के उन सेवानिवृत्त अधिकारियों को मौका मिलेगा, जिन्होंने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। सरकार का मानना है कि इन अनुभवी अधिकारियों का अनुभव और पेशेवर ज्ञान मौजूदा पुलिस बल के लिए काफी उपयोगी साबित होगा और कानून-व्यवस्था को संभालने में मदद करेगा।
इस संबंध में ओडिशा गृह विभाग ने औपचारिक पत्र जारी कर पुलिस महानिदेशक और सभी पुलिस महानिरीक्षकों को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। जारी गाइडलाइंस के अनुसार, केवल वही सेवानिवृत्त अधिकारी इस पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होंगे, जिनकी उम्र 65 वर्ष से कम हो।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि चयन के लिए अधिकारियों की सीसीआर बहुत अच्छी होनी चाहिए। इसके अलावा, संबंधित अधिकारी को सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी क्वार्टर खाली कर चुका होना जरूरी होगा। अगर किसी अधिकारी के खिलाफ सेवा काल के दौरान कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई हो या कोई मामला लंबित हो, तो उसे इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा।
इस प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए पुलिस महानिदेशक द्वारा एक विशेष चयन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति चयन की पूरी प्रक्रिया को देखेगी और नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही की जाएगी।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस फैसले से पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी और पुराने पुलिसकर्मियों का अनुभव नए पुलिसकर्मियों को मिलेगा। जिससे उनका काम करने का तरीका बेहतर हो सकेगा। (इनपुट: ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)
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