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Hindi News भारत राष्ट्रीय 'इसका मतलब है हमारी पहल सफल रही', पाकिस्तान की किस हरकत पर सुप्रिया सुले ने दिया ये जवाब? जानें

'इसका मतलब है हमारी पहल सफल रही', पाकिस्तान की किस हरकत पर सुप्रिया सुले ने दिया ये जवाब? जानें

सुप्रिया सुले ने कहा, "बहुत सारी फर्जी खबरें और दुष्प्रचार की बाढ़ आ गई है, और जिन लोगों से हम मिले और उन्हें सच्चाई बताई तो उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल भेजना एक अच्छा कदम है।

Supriya sule- India TV Hindi Image Source : ANI सुप्रिया सुले

काहिरा: सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने पाकिस्तान द्वारा भारत की नकल करते हुए कुछ देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजने के सवाल पर कहा कि पड़ोसी मुल्क के इस व्यवहार से पता चलता है कि हमारी पहल सफल रही है तभी वो ऐसा कदम उठा रहे हैं। सुप्रिया सुले की अगुवाई में सांसदों का एक मिस्र में है। उन्होंने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती के साथ रचनात्मक बैठक की। काहिरा में स्थानीय नेताओं, राय निर्माताओं और थिंक टैंकों के साथ बातचीत करते हुए सुले ने चुनौतीपूर्ण और दर्दनाक समय में भारत के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए मिस्र के नेतृत्व का आभार जताया और शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। 

ऑपरेशन सिंदूर का कई देशों ने किया समर्थन

सुप्रिया सुले ने कहा, "बहुत सारी फर्जी खबरें और दुष्प्रचार की बाढ़ आ गई है, और जिन लोगों से हम मिले और उन्हें सच्चाई बताई तो उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल भेजना एक अच्छा कदम है। सुप्रिया सुले ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू को हम सभी पर भरोसा दिखाने के लिए धन्यवाद देती हूं। हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हम जिनसे भी मिले, सभी ने एक ही बात कही: वे आतंकवाद के खिलाफ हैं, वे भारत के साथ हैं और वे भारत के ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन करते हैं।"

हकीकत से दुनिया को वाकिफ कराने की मुहिम

सुप्रिया सुले ने कहा कि  "हमने पीएम के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। हम यहां भारतीय के रूप में दुनिया को यह बताने आए हैं कि 5 सप्ताह पहले भारत में वास्तव में क्या हुआ था। जैसा कि हम जानते हैं, दुनिया बदल गई है, तकनीक ने हमारे जीवन को बदल दिया है। इसलिए सोशल मीडिया पर इस तरह की जानकारी चारों ओर फैल रही है, इसमें से कुछ तथ्यात्मक हैं, कुछ बहुत ही फर्जी हैं। इसलिए, माननीय प्रधानमंत्री ने 7 समूह बनाए, प्रत्येक समूह में पांच संसद सदस्य थे, और इस समूह को विभिन्न देशों में भेजा। सुले ने कहा मिस्र का नेतृत्व उन देशों में से एक है जो हमारे चुनौतीपूर्ण, दर्दनाक समय के दौरान हमारे साथ बहुत दृढ़ता से खड़ा रहा।  और इस बात को लोकर प्रतिबद्धता जताया कि दुनिया में कहीं भी किसी भी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

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