नई दिल्ली: मणिपुर में 2 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस के इनपुट पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान ये कामयाबी मिली। पकड़े गए दोनों उग्रवादियों की पहचान हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (साउदर्न ब्रांच) से मिले इनपुट और अपने सोर्सेज से मिली जानकारी के आधार पर एक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इनपुट में बताया गया था कि यांगौबुंग गांव के इलाके से VBIG के दो कैडर भारत में घुसपैठ कर सकते हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान सिक्योरिटी फोर्सेज ने तेंगनौपाल जिले के मोरेह थाना क्षेत्र में BP 72-73, यांगौबुंग गांव के पास कार्रवाई करते हुए VBIG के दो कैडर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थोकचोम इंगोचा सिंह @ केबी (31 वर्ष), निवासी खांगाबोक मयाई लेइकाई, थोउबल जिला (KYKL) और थोकचोम रघुनाथ मेइती @ बिरजीत (48 वर्ष), निवासी काकचिंग निंगथौ लेइकाई, काकचिंग जिला (KYKL) के रूप में हुई है।
गिरफ्तार कैडर को सुरक्षित रूप से 5 अप्रैल 2026 को थोउबल जिले के खोंगजोम पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां पहले जीरो FIR दर्ज की गई। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मोरेह पुलिस स्टेशन में रेगुलर FIR दर्ज कर ली गई है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
मणिपुर में उग्रवाद कितनी बड़ी समस्या?
मणिपुर का उग्रवाद जातीय संघर्ष में बदल चुका है। ये पारंपरिक अलगाववादी उग्रवाद से अलग है। वर्तमान में जारी जातीय संघर्ष मई 2023 से लगातार चल रहा है। इस संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। कई लोगों के घर जल चुके हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए कि यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया और फिर जब नया सीएम बना भी तो पूरी तरह शांति नहीं आई।
मणिपुर में उग्रवाद/जातीय हिंसा अभी भी गंभीर समस्या है और शांति के प्रयास किए जा रहे हैं। हालात पूरी तरह नियंत्रण में भी नहीं है, लेकिन बड़े युद्ध जैसी स्थिति भी नहीं है।
Latest India News