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Hindi News भारत राष्ट्रीय बादल फटने की वजह से देहरादून के किन-किन टूरिस्ट प्लेसेज को पहुंचा नुकसान? क्या मसूरी में भी तबाही मची है?

बादल फटने की वजह से देहरादून के किन-किन टूरिस्ट प्लेसेज को पहुंचा नुकसान? क्या मसूरी में भी तबाही मची है?

उत्तराखंड के देहरादून में बादल फटने से भीषण तबाही की बात सामने आई है। कई मंदिर, घर और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और मलबा लोगों के घरों के अंदर तक घुसा है। एक जगह तो पुल भी बह गया है।

Dehradun- India TV Hindi Image Source : PTI देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तराखंड डेंटल कॉलेज के पास भारी बारिश के कारण एक पुल बहा

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में हालात खतरनाक हैं। यहां के प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट सहस्त्रधारा के पास मंगलवार सुबह 5 बजे बादल फट गया। इसका असर ये हुआ कि तमसा नदी, कारलीगाड़ नदी, सहस्त्रधारा नदी में जलस्तर बढ़ गया और आसपास के इलाकों में पानी भर गया और सड़कें बह गईं। 

किन जगहों पर पहुंचा नुकसान? 

सहस्त्रधारा: सहस्त्रधारा देहरादून का एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है, जहां बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं। यहां पहाड़ों से पानी गिरता है और लोग पानी में मस्ती करने के लिए पहुंचते हैं। खबर है कि सहस्त्रधारा समेत आसपास के इलाके (घड़ीकैंट, आईटी पार्क, तपोवन, घंगौरा) में पानी भरा है। मुख्य बाजार में दो से तीन बड़े होटल और कई दुकानें क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है।

टपकेश्वर महादेव मंदिर: ये यहां का फेमस मंदिर है, जो तमसा नदी के किनारे है। यहां भी पानी भरने की वजह से मंदिर और दुकानें जलमग्न हैं और कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

फन वैली के पास तबाही: देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर फन वैली और उत्तराखंड डेंटल कॉलेज के पास भारी बारिश के कारण एक पुल बह गया।

मसूरी में क्या हैं हालात? 

मसूरी में देर रात भारी बारिश हुई है, जिसकी वजह से मजदूरों के आवास पर मलबा गिरा और एक मजदूर की मौत हो गई। इसके अलावा एक मजदूर के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।

300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा, ‘‘देहरादून में सहस्त्रधारा और माल देवता तथा मसूरी से भी नुकसान की खबरें मिली हैं। देहरादून में दो से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की खबर मिली है और इसकी पुष्टि की जा रही है।’’ 

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया, "प्रभावित इलाकों में टीम राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं, और 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।"

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