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Hindi News भारत राष्ट्रीय आंदोलन के बीच शंभू बॉर्डर पर किसान क्यों उड़ा रहे हैं पतंग, जानिए इसके पीछे का मकसद

आंदोलन के बीच शंभू बॉर्डर पर किसान क्यों उड़ा रहे हैं पतंग, जानिए इसके पीछे का मकसद

किसान दिल्ली में एंट्री के लिए आमादा हैं। वहीं, पुलिस उन्हें रोकने के प्रयास में जुटी है। इस दौरान किसान और पुलिस के बीच मंगलवार को हिंसक झड़प भी हुई। पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें की।

शंभू बॉर्डर पर पतंग उड़ा रहे किसान- India TV Hindi Image Source : SOCIAL MEDIA शंभू बॉर्डर पर पतंग उड़ा रहे किसान

किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च का आज दूसरा दिन है। हजारों की तादाद में किसान राष्ट्रीय राजधानी में एंट्री के लिए आमादा हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें पंजाब और हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर रोक रखा है। किसानों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस की ओर से लगातार आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और पानी की बौछारें भी चलाई गईं, जिससे शंभू बॉर्डर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।

प्रदर्शनकारी किसान क्यों उड़ा रहे पतंग?  

शंभू बॉर्डर पर मंगलवार सुबह से ही किसानों का काफिला रुका हुआ है। दिल्ली की सीमा में घुसने से रोकने के लिए पुलिस की ओर से मंगलवार से लगातार आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। बीते दिन पुलिस ने जहां आंसू गैस के गोले छोड़े तो वहीं ड्रोन के जरिये भी किसानों की ओर आंसू गैस के गोले दागे गए। ऐसे में किसानों को आगे बढ़ने में ड्रोन बाधा पैदा कर रहा है, जिसे गिराने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने ड्रोन बाधा को दूर करने के लिए बुधवार को शंभू बॉर्डर पर पतंग उड़ाना शुरू कर दिया है, ताकि ड्रोन को उड़ने नहीं दिया जाए और पतंग की डोर से फंसाकर नीचे गिराया जाए। 

ड्रोन के इस्तेमाल पर अधिकारियों की आपत्ति 

वहीं, पंजाब के अधिकारियों ने शंभू बॉर्ड पर उनके क्षेत्र में आंदोलनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए हरियाणा द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। पंजाब के पटियाला के उपायुक्त शौकत अहमद पर्रे ने अंबाला के उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि वे अंबाला के पास शंभू बॉर्डर पर पंजाब के क्षेत्र के अंदर अपने ड्रोन न भेजें। किसानों ने दावा किया कि जब वे पंजाब क्षेत्र के अंदर खड़े थे तो ड्रोन ने उन पर आंसू गैस के कई गोले गिराए।

किसान और पुलिस के बीच हिंसक झड़प

बता दें कि प्रदर्शनकारी किसानों की मंगलवार को पजांब-हरियाणा बॉर्डर के दो बिंदुओं पर हरियाणा पुलिस के साथ झड़प हुई थी। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे और पानी की बौछार की थी। मंगलवार को पुलिस के साथ कई घंटों तक चली झड़प के बाद किसान नेताओं ने दिन भर के लिए विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया था। उन्होंने कहा कि वे बुधवार को शंभू बॉर्डर से मार्च फिर से शुरू करेंगे। मंगलवार को शंभू बॉर्डर के पास किसानों ने सीमेंट से बने अवरोधक हटाने के लिए ट्रैक्टर इस्तेमाल किए। ये अवरोधक प्रदर्शनकारी किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए घग्गर नदी पुल पर हरियाणा पुलिस द्वारा बैरिकेड के हिस्से के रूप में रखे गए थे। हरियाणा पुलिस ने कहा था कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों पर पथराव कर रहे हैं। 

प्रदर्शनकारी किसानों ने आंसू गैस के गोले फेंकने के लिए हरियाणा सरकार की आलोचना की और कहा कि वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के वास्ते दिल्ली की ओर मार्च करने के लिए दृढ़ हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने घोषणा की है कि किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के वास्ते कानून बनाने सहित अपनी मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली कूच करेंगे। सोमवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसान प्रतिनिधियों की वार्ता विफल रही थी। 

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