A
Hindi News भारत राष्ट्रीय ट्रंप का टैरिफ हटने से भारत को होगा फायदा? जानें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्या होगा असर

ट्रंप का टैरिफ हटने से भारत को होगा फायदा? जानें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्या होगा असर

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा IEEEPA के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को रद्द कर दिया। इससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी और व्यापार में स्थिरता आएगी। हालांकि स्टील और एल्युमीनियम पर सेक्शन 232 के टैरिफ जारी रहेंगे।

US Supreme Court tariff ruling, Trump tariffs отменed, India US trade relations- India TV Hindi Image Source : AP FILE अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मध्यावधि चुनावों से पहले सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। अदालत ने ट्रंप द्वारा लगाए गए बड़े पैमाने के टैरिफ को नामंजूर कर दिया। ये टैरिफ उन्होंने राष्ट्रीय आपातकाल के लिए बने कानून के तहत लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति के पास ऐसे टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। यह फैसला भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में चल रही उठापटक शांत हो सकती है, और भारतीय निर्यातकों को इसका फायदा मिल सकता है।

अचानक टैरिफ का डर खत्म, भारतीय निर्यातकों को राहत

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राष्ट्रपति को आईईईपीए (IEEPA) कानून का गलत इस्तेमाल करके मनमाने टैरिफ लगाने से रोका गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। पहले इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स, रसायन, कपड़े और जेवर जैसे क्षेत्रों को अचानक लगने वाले टैरिफ से काफी नुकसान हो रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब व्यापार में अस्थिरता का खतरा काफी कम हो जाएगा, और कारोबार करना आसान होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत के लिए काफी अहम साबित हो सकता है।

भारत को मिलेगा बेहतर बातचीत का मौका

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अमेरिका की टैरिफ नीति अब कांग्रेस की देखरेख वाले कानूनी ढांचे में वापस आ गई है। अब टैरिफ लगाने से पहले जांच, नियमों का पालन और समय पर चर्चा जरूरी होगी। भारत के लिए इसका मतलब है कि अब ज्यादा व्यवस्थित तरीके से बातचीत हो सकेगी। इसके चलते समय की साफ सीमा होगी और उत्पादों पर विशेष छूट मांगना आसान होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के टैरिफ रद्द करने के बाद उन निर्यातकों को रिफंड मिल सकता है, जिन्होंने अमेरिकी बाजार में सामान बेचने के लिए टैरिफ के रूप में काफी पैसे दिए थे। हालांकि, इस फैसले को कैसे लागू किया जाएगा, इस पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ बने रहेंगे

हालांकि, इस फैसले का असर ट्रेड एक्सपैंशन एक्ट 1962 के सेक्शन 232 के तहत लगाए गए टैरिफ पर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि स्टील, एल्युमीनियम और कुछ ऑटोमोबाइल सामानों पर लगे टैरिफ पहले जैसे ही रहेंगे। भारत के लिए यह फैसला इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका हमारे सबसे बड़े व्यापार साझेदारों में से एक है। वहीं, ट्रंप का भारत के प्रति रुख हाल ही में बदला था और फरवरी की शुरुआत में उन्होंने दो बड़े फैसले लिए, जो भारत के हित में थे। पहला, उन्होंने भारत पर लगे टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था, और दूसरा, उन्होंने भारत के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते का ऐलान किया था। इस समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी।

चीन, कनाडा और मैक्सिको को भी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से चीन, कनाडा और मैक्सिको जैसे देशों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इन देशों पर ट्रंप ने बहुत ज्यादा टैरिफ लगाए थे। अदालत के 20 फरवरी के फैसले में साफ कहा गया है कि ट्रंप को टैरिफ लगाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेनी चाहिए थी। इससे कांग्रेस की ताकत पर मुहर लग गई है और ट्रंप की मनमानी पर रोक लगेगी। ट्रंप के दौर के कुछ टैरिफ नियमों के कमजोर होने से भारतीय निर्माताओं को फायदा होगा। उन क्षेत्रों में भारत आगे बढ़ सकता है, जहां पहले दूसरे देश ज्यादा प्रभावित थे। कंपनियां जोखिम वाले स्रोतों से सामान खरीदना कम करेंगी और भारत की ओर रुख कर सकती हैं। इससे सप्लाई चेन में नए मौके खुलेंगे और भारत का निर्यात बढ़ सकता है।

Latest India News