नई दिल्ली: कांग्रेस सदस्यों ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की एक कंपनी को ऋण जारी करने में हुई अनियमितता को रेखांकित करने वाली सीएजी की एक रपट पर सरकार से जवाब की मांग करते हुए मंगलवार को लोकसभा से बहिर्गमन किया। सीएजी की रपट में कहा गया है कि गडकरी पूर्ति समूह के एक प्रमोटर हैं, और इस समूह को आईआरईडीए द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए 84.12 करोड़ रुपये का एक ऋण मंजूर किया गया था।
सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पूर्ति समूह ने भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेसी (आईआरईडीए) से 84.12 करोड़ रुपये ऋण लिए थे और उसका इस्तेमाल एक कोयला संयंत्र के लिए किया गया, और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए नहीं किया गया। इसके कारण सरकारी खजाने को 12.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
हुड्डा ने सरकार से मामले की जांच कराने की मांग की। भाजपा सदस्यों ने हुड्डा की टिप्पणी का विरोध किया और हंगामे के कारण उनके भाषण का अंतिम हिस्सा नहीं सुना जा सका।
नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रपट में गडकरी का नाम आने के बाद से कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। गडकरी का नाम रपट में पूर्ति साखर काराखान लिमिटेड के प्रमोटर/निदेशक के रूप में लिया गया है। इस कंपनी को आईआरईडीए की ओर से ऋण स्वीकृत किया गया था।
कांग्रेस सदस्यों ने सदन में सरकार से जवाब मांगा और बाद में वे सदन से बहिर्गमन कर गए।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि गडकरी ने कोई गड़बड़ी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि सीएजी की रपट की लोकलेखा समिति जांच करेगी। उन्होंने कहा, "किसी की कोई व्यक्तिगत संलिप्तता नहीं है। जो दूसरों को दिया गया है, वही इसे (पूर्ति) भी दिया गया। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।"
काठमांडू हवाईअड्डा कुच देर बंद रहने के बाद फिर खुल गया।
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