नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के लिए 21 दिन के लॉकडाउन को अनिवार्य बताते हुए अपना संपूर्ण समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि 21 दिन तक घर में रहना जरूरी है, लेकिन इस अवधि में भी लोगों को भोजन और धन की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा है कि हम पूरे 21 दिनों के लिए नहीं बल्कि कुछ हफ्तों तक मदद करने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने वेतन और नौकरी को सुरक्षित बनाने का भी आग्रह सरकार से किया है और अपने कुछ सुझाव दिए हैं।
पी चिदंबरम ने अपने सुझाव में कहा है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय मदद को दोगुना कर 12,000 रुपए कर देना चाहिए और अतिरिक्त धन को तुरंत लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर करना चाहिए। इसके अलावा बटाईदार किसानों को भी इस योजना के तहत कवर किया जाना चाहिए और उन्हें भी 12000 रुपए दो किस्तों में दिए जाने चाहिए।
पंजीकृत मनरेगा श्रमिकों के खातों में सीधे 3000 रुपए का तत्काल भुगतान किया जाना चाहिए। शहरी गरीबों की मदद के लिए बैंकों की शहरी शाखाओं में जनधन खातों में प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 6000 रुपए जमा कराने चाहिए। प्रत्येक राशन कार्ड धारक को 10 किलो गेहूं या चावल मुफ्त में देना चाहिए और इसकी आपूर्ति घरों तक सुनिश्चित की जानी चाहिए।
statement of P chidambaram
सभी पंजीकृत नियोक्ताओं को निर्देश दें कि वो अपने कर्मचारियों की संख्या वर्तमान स्तर पर बनाए रखेंगे और वेतन में कटौती नहीं करेंगे। सरकार नियोक्ताओं को गारंटी दे कि वो उनके द्वारा किए गए वेतन भुगतान को 30 दिन के भीतर वापस कर देगी।
statement of P chidambaram प्रत्येक वार्ड या ब्लॉक में एक रजिस्टर बनाया जाए, जिसमें ऐसे लोग अपना नाम, पता और आधार दर्ज करेंगे, जिन्हें किसी भी योजना के तहत वेतन या भत्ते प्राप्त नहीं होते हैं। न्यूनतम वेरीफिकेशन के बाद इन लोगों के जनधन खाते खुलवाय जाएं और 3000 रुपए ट्रांसफर कर दिए जाएं।