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Hindi News भारत राजनीति 'अध्यक्ष जी, मेरे सीट के पास का माइक तीन दिनों से बंद है', लोकसभा प्रमुख को लिखी चिट्टी में बोले अधीर रंजन

'अध्यक्ष जी, मेरे सीट के पास का माइक तीन दिनों से बंद है', लोकसभा प्रमुख को लिखी चिट्टी में बोले अधीर रंजन

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जब से संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग शुरू हुआ है, तब से सरकार सदन में हंगामा कर कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश कर रही है। सबसे ज्यादा चिंता वाली बात तो यह है कि सरकार के मंत्री बढ़-चढ़कर इस हंगामे का नेतृत्व कर रहे हैं।

Lok Sabha Speaker Om Birla and Congress MP Adhir Ranjan Chowdhary- India TV Hindi Image Source : INDIA TV लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी

नई दिल्ली: बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है। अनुमान के अनुसार यह सत्र भी खूब हंगामेदार हो रहा है। सदन कछुए की चाल से भी नहीं चल रहा है। जहां ऐ तरफ विपक्ष की सुई अडानी मामले पर ही अटकी हुई है तो सत्ता पक्ष के सांसद लंदन में राहुल गांधी के बयान पर बवाल काटे हुए हैं। बीजेपी के सांसद कह रहे हैं कि राहुल गांधी ने विदेश में भारत का अपमान किया है और वे इसके लिए माफ़ी मांगे। दोनों पक्ष अपने बातों और मुद्दों पर तस से मस नहीं हो रहे हैं। 

'माइक पिछले तीन दिनों से बंद है'

वहीं इसी बीच कांग्रेस के नेता सदन अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने शिकायत की है कि उनके सीट के पास लगा माइक पिछले तीन दिनों से बंद है। इस वजह से वे अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पत्र में सरकार पर सदन न चलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा कि मैं आपको दूसरी बार पत्र लिख रहा हूं और सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए सरकार द्वारा प्रायोजित गतिविधियों के बारे में अवगत करा रहा हूं। 

सरकार के मंत्री हंगामा कर सदन को कर रहे बाधित 

अधीर रंजन चौधरी ने अपने पत्र में लिखा विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया जा रहा है। मैं आपकी जानकारी में एक बात और लाना चाहता हूं कि पिछले तीन दिनों से मेरी सीट का माइक भी बंद है। इस वजह से मैं अपनी पार्टी के नेता राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब नहीं दे पा रहा हूं। ऐसे में आपसे निवेदन है कि विपक्षी दलों के नेताओं को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब से संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग शुरू हुआ है, तब से सरकार सदन में हंगामा कर कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश कर रही है। सबसे ज्यादा चिंता वाली बात तो यह है कि सरकार के मंत्री बढ़-चढ़कर इस हंगामे का नेतृत्व कर रहे हैं।

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