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Hindi News भारत राजनीति पाकिस्तान के मुद्दे पर अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस को घेरा, बोले- ये समय छीछालेदर करने का नहीं है

पाकिस्तान के मुद्दे पर अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस को घेरा, बोले- ये समय छीछालेदर करने का नहीं है

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने पाकिस्तान के मुद्दे पर कहा, 'ये समय छीछालेदर का नहीं है, बल्कि एक्शन का है।'

Arjun Ram Meghwal cornered Congress on the issue of Pakistan said this is not the time to defame- India TV Hindi Image Source : PTI अर्जुन राम मेघवाल

समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगा था, जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तुलना बाबा साहब अंबेडकर से की गई थी। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'ये बाबा साहब का आधा चेहरा और आधा चेहरा अखिलेश यादव का दिखा रहे हैं। ये दलित समाज के वोट के लिए ऐसा कर रहे हैं। मगर ये भ्रम में हैं। कांग्रेस ने बाबा साहब को हरवाने का काम किया। ओबीसी रिजर्वेशन का विरोध कांग्रेस ने किया और कांग्रेस की गोद में अखिलेश यादव बैठे हैं। ये कैसे बाबा साहब का अपमान कर रहे हैं। विचारों में बाबा साहब से मेल नहीं है। ये परिवारवाद वाले हैं। हरियाणा और महाराष्ट्र में इनका भ्रम टूट चुका है।'

अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना

अर्जुन राम मेघवाल ने आगे कहा, 'ये विषय विरोध का है। अभी प्रोटेस्ट होंगे। समाजवादी के अलावा कांग्रेस के भी कुछ नेता हैं जिनके बयान पाकिस्तान में चर्चा में रहे हैं। इसपर राहुल गांधी ने पत्र लिखकर बताया कि इसपर वो विचार करेंगे।' वहीं कांग्रेस के बयान पर उन्होंने कहा, 'कांग्रेस तो दोमुही बात करती है। कांग्रेस का चरित्र ठीक नहीं है, इस मुद्दे पर। पाकिस्तान को मिलिट्री एक्शन का डर सता रहा है। मगर इंडस वॉटर ट्रीटी को लेकर पाकिस्तान को ज्यादा डर है। ये समय कार्यवाही करने का है, छीछालेदर करने का नहीं है। या तो कांग्रेस खुलकर कहे कि पाकिस्तान के मुद्दे पर हम साथ नहीं हैं। जब आप ये कह रहे हैं कि आप साथ हैं तो अभी ये सब बात करने का कोई समय नहीं है।'

समाजवादी पार्टी पर भी बरसे अर्जुन राम मेघवाल

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'अखिलेश यादव और उनके परिवार के सदस्य ओबीसी आरक्षण के हिमायती रहे हैं। लेकिन अगर किसी ने ओबीसी आरक्षण का कड़ा विरोध किया था, तो वह राजीव गांधी थे, जिन्होंने लोकसभा में 2 घंटे से अधिक लंबा भाषण दिया था। अखिलेश उसी कांग्रेस से जुड़े हैं और खुद को बाबा साहब जैसा बताते हैं। यह बाबा साहब का अपमान है। क्या अखिलेश यादव को सीएम के तौर पर अपना कार्यकाल याद नहीं है, जब ओबीसी समुदाय के इंजीनियरों को बड़ी संख्या में पदावनत किया गया था? जब यूपीए-2 के दौरान पदोन्नति में आरक्षण को लेकर बिल पारित होने वाला था, तो लोकसभा में बिल को फाड़ने वाला नगीना से सपा का सांसद था।'

(रिपोर्ट- अनामिका गौर)

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