A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. नेता के सामने भिड़ गए कार्यकर्ता, एकता और मजबूती का संदेश देने के लिए बुलाई गई थी मीटिंग, धक्का-मुक्की से मचा हड़कंप

नेता के सामने भिड़ गए कार्यकर्ता, एकता और मजबूती का संदेश देने के लिए बुलाई गई थी मीटिंग, धक्का-मुक्की से मचा हड़कंप

बीजेडी की एक संगठनात्मक बैठक में दो गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। बेगुनिया के जगुलेई पीठ में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाना था,।

BJD meeting- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT बीजेडी बैठक में हंगामा

BJD meeting Clash: ओडिशा के पुरी जिले के निमापड़ा विधानसभा क्षेत्र में बीजू जनता दल (BJD) की एक संगठनात्मक बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब पार्टी के दो गुटों के बीच तीखी झड़प हो गई। यह घटना मंगलवार को बेगुनिया इलाके के जगुलेई पीठ में हुई, जहां गोप और निमापड़ा ब्लॉक के कार्यकर्ता एक अहम बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।

पार्टी की एकता के लिए बुलाई गई बैठक में हंगामा

जानकारी के मुताबिक, बैठक वरिष्ठ बीजेडी नेता सुब्रत छतोई की मौजूदगी में आयोजित की जा रही थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाना था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक दो गुटों के बीच किसी मुद्दे को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की और हाथापाई 

देखते ही देखते यह बहस उग्र हो गई और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि धक्कामुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। बैठक स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया और कार्यक्रम बाधित हो गया। मौके पर मौजूद नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर किसी तरह हालात को नियंत्रित किया।

क्यों हुआ विवाद?

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के अंदर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बीजेडी के पूर्व विधायक प्रत्याशी और स्थानीय नेता दिलीप नायक जेल में हैं और उनकी गैरमौजूदगी में संगठन को सक्रिय रखने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने पार्टी के अंदर गुटबाजी और असंतोष को उजागर कर दिया है। दिलीप नायक की गैरमौजूदगी में सुब्रत छतोई क्षेत्र में लगातार बैठकों के जरिए संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं।

बीजेडी की एकता पर सवाल

हालांकि, जगुलेई पीठ में हुई इस घटना ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है। इससे यह साफ होता है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच गुटबाजी और असंतोष मौजूद है। यह स्थिति पार्टी के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है, खासकर तब जब संगठन को एकजुट रखने की जरूरत है। फिलहाल स्थिति को काबू में कर लिया गया है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय स्तर पर बीजेडी की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन मतभेदों को दूर कर संगठन को मजबूत बनाए रखना होगा।

ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट

 

Latest India News