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Hindi News भारत राजनीति अमित शाह के घर चल रही बैठक हुई खत्म, जानिए बिहार को लेकर क्या हुआ फैसला

अमित शाह के घर चल रही बैठक हुई खत्म, जानिए बिहार को लेकर क्या हुआ फैसला

नीतीश कुमार के पाला बदलने की खबरों के बीच दिल्ली में आननफानन में बीजेपी नेताओं की बैठक चला रही थी। इस बैठक में अमित शाह और जेपी नड्डा समेत बिहार बीजेपी के कई नेता मौजूद थे।

Bihar News, Amit Shah- India TV Hindi Image Source : PTI/FILE अमित शाह

दिल्ली: बिहार में सियासी हलचल के बीच दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर चल रही बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बिहार प्रदेश प्रभारी विनोद तावडे, राज्यसभा सांसद सुशील मोदी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और रेणु देवी मौजूद थीं। बैठक खत्म होने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि यह मीटिंग आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर थी। हालांकि उन्होंने बिहार के सियासी घटनाक्रम को लेकर कुछ नहीं कहा।  

आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर बैठक हुई- सम्राट चौधरी 

बैठक खत्म होने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के आवास पर आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर बैठक हुई थी। इस बैठक में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। हालांकि उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर कोई जवाब नहीं दिया। बता दें कि बिहार और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार और महागठबंधन में सब ठीक नहीं चल रहा है। नीतीश कुमार जल्द ही महागठबंधन के साथ नाता तोड़कर एनडीए में शामिल हो सकते हैं।  

बुधवार को पीएम, नड्डा और अमित शाह की हुई थी बैठक 

नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़ने की चर्चाओं के बीच बिहार बीजेपी नेताओं के दिल्ली दौरे ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी थी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी अपने आगामी दौरे रद्द कर दिए थे। वहीं सूत्रों के अनुसार, बुधवार रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा और अमित शाह की एक बैठक हुई थी। इस बैठक के दौरान बिहार को लेकर चर्चा की गई थी। इसके बाद खबर आई कि नीतीश कुमार को एनडीए में तभी शामिल किया जा सकेगा, जब वह मुख्यमंत्री पद छोड़ें।   

राज्यपाल से मुलाकात के बाद भी चर्चाएं हुई थीं तेज

वहीं इससे पहले पिछले दिनों सीएम नीतीश कुमार और राज्यपाल की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद उनके पलटी मारने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि इसके बाद केसी त्यागी ने कहा था कि सीएम और राज्यपाल की यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट थी। इसके राजनीतिक मतलब नहीं निकाले जाने चाहिए। 

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