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Hindi News भारत राजनीति 'मैं पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहता', CM पद को लेकर बवाल के बीच बोले डीके शिवकुमार

'मैं पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहता', CM पद को लेकर बवाल के बीच बोले डीके शिवकुमार

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि वह पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहते। सीएम पद को लेकर चल रही अटकलों पर उन्होंने कहा कि फैसला कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच का मामला है। शिवकुमार ने अपने जेल के दिनों और जनता के समर्थन को याद करते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी।

DK Shivakumar statement, Karnataka CM issue, Congress internal dispute- India TV Hindi Image Source : PTI कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार।

कनकपुरा: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी को किसी भी हाल में शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहते। कांग्रेस में सीएम पद को लेकर चल रहे आंतरिक झगड़े पर मीडिया के कई सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपने 'जमीर' की बात की और कहा कि सब कुछ उसी के मुताबिक होना चाहिए। शिवकुमार ने कनकपुरा में कहा, 'मैं जमीर पर यकीन करता हूं। हमें जमीर या अंत:करण के मुताबिक काम करना चाहिए। मैं पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहता।'

'मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है'

जब शिवकुमार से पूछा गया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली गए हैं और राहुल गांधी से सत्ता हस्तांतरण पर बात करने वाले हैं, तो उन्होंने कहा, 'मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यह 5-6 लोगों के बीच का गुप्त मामला है। मैं इसे खोलकर नहीं बताऊंगा। सीएम सिद्धारमैया एक सीनियर नेता हैं और हमारी पार्टी की बड़ी संपत्ति हैं। वह 7.5 साल से सीएम हैं। उन्होंने खुद कहा है कि अगला बजट वह पेश करेंगे। मुझे बहुत खुशी है। उन्होंने विपक्ष के नेता के तौर पर कड़ी मेहनत की है। उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाया है। हम सबको मिलकर 2028 और 2029 के चुनावों के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।'

'अब मेरे सत्ता में आने की प्रार्थना करने से बेहतर है कि...'

शिवकुमार से जब पूछा गया कि क्या लोग उनके सीएम बनने की प्रार्थना कर रहे हैं, तो उन्होंने भावुक होकर जवाब दिया, 'अब मेरे सत्ता में आने की प्रार्थना करने से बेहतर है कि मैं उन प्रार्थनाओं को न भूलूं, जो मेरी माताओं, युवाओं और बुजुर्गों ने कीं, जब मैं जेल गया था। उन्होंने मंदिरों में पुजारियों से मेरे लिए दुआएं मांगीं। भाजपा के दौर में जब मैं जेल से रिहा हुआ, तो लोगों ने पुलिस की धमकी के बावजूद बिना डरे मेरा स्वागत किया। कई लोगों ने मेरी रिहाई तक चप्पल नहीं पहनी। आज मैं डिप्टी सीएम और पार्टी अध्यक्ष हूं। मुश्किल वक्त में दी गईं वो दुआएं मुझे खुद पर यकीन दिलाती हैं, जो मेरे लिए बहुत खास हैं।'

'मुझे सीएम बनाने की कोशिश के बारे में नहीं पता'

कुछ विधायकों के दिल्ली जाने और उन्हें सीएम बनाने की कोशिश पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'जो लोग मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं, वे गए हैं। मुझे सीएम बनाने की कोशिश के बारे में नहीं पता। मैंने उन्हें नहीं बुलाया, न भेजा। मैं यह नहीं पूछूंगा कि तुम क्यों गए।' बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच पिछले लंबे समय से सबकुछ ठीक नहीं होने की खबरें आ रही हैं। शिवकुमार के कई समर्थकों का कहना है कि दोनों नेताओं को 2.5-2.5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी, हालांकि सिद्धारमैया इससे इनकार करते हैं।

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